खबर शहर , Agra News: दांव पर लगाकर जिंदगी…बचा लीं 80 फीट गहरे कुएं में गिरे चालक की सांसें – INA

आगरा। 80 फीट गहरे कुएं में गिरे ऑटो चालक राजकुमार की सांसों को बचाने के लिए फायरमैन सिद्धांत चिकारा ने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। 30 मिनट चले रेस्क्यू ऑपरेशन में रस्सी के सहारे न सिर्फ खुद उतरे, बल्कि चालक को भी सुरक्षित बाहर निकाल लाए। उनके साहस को लोगों के साथ ही विभागीय अधिकारियों ने भी सलाम किया है।

मामला सदर थाना क्षेत्र का है। अवंतीबाई चौराहे से कैंट स्टेशन की तरफ जाने वाले रास्ते पर झाड़ियां हैं। इनके बीच में 80 फीट गहरा सूखा कुआं है। नरीपुरा, शाहगंज निवासी राजकुमार किराए पर ऑटो चलाते हैं। रविवार दोपहर 12:30 बजे पत्नी से विवाद होने पर वो घर से निकल आए। टैंक चौराहे के पास ऑटो खड़ा करने के बाद झाड़ियों में चले गए। वहां कुएं में गिर गए।

रात में राजकुमार के घर नहीं पहुंचने पर पत्नी ने तलाश की। ऑटो मालिक से पता किया। उसने भी जानकारी से इन्कार कर दिया। सोमवार सुबह ऑटो टैंक चौराहे के पास लावारिस हालत में खड़ा मिला। सुबह 10:30 बजे परिजन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया। इसमें चालक झाड़ियों में पैदल जाता नजर आया। तभी राजकुमार के चीखने की आवाज सुनकर कुएं के पास पुलिस पहुंच गई।

एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता ने बताया कि राजकुमार से जब आवाज लगाकर पूछा गया कि कितने लोग गिर गए हैं, तो वो अपने साथ दो और लोगों के गिरने की बात करने लगे। यह सुनकर अग्निशमन विभाग को जानकारी दी गई। सीएफओ देवेंद्र सिंह रेस्क्यू टीम और मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल के साथ पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। कुएं में सिर्फ राजकुमार ही गिरा था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया। कमर में चोट लगी थी। वह कुएं के अंदर से आवाज दे रहा था। मगर बाहर आने के बाद कुछ नहीं बोला।

रस्सी से खींचा, फिर खुद निकले

सीएफओ ने बताया कि मेरठ निवासी फायरमैन सिद्धांत चिकारा ने साहस का परिचय दिया। गहरे कुएं में अक्सर मीथेन गैस होने से जान चली जाती है। मगर राजकुमार की आवाज आ रही थी। इसकी वजह बारिश का पानी जाने से गैस का खत्म होना रहा होगा। उसकी जान बच गई थी। उसे निकालने के लिए पहले रस्सी से बनी सीढ़ी को डाला गया। मगर राजकुमार के गिरने की वजह से कमर पर चोट लगी थी। इसलिए वह चढ़ नहीं पा रहा था। इसको देखते हुए फायरमैन को ब्रीदिंग एपरेटस पहनाकर कुएं में उतारा गया। उन्होंने पहले राजकुमार को रस्सी से चेयरनॉट बनाकर बांधा। अन्य फायरकर्मियों ने उन्हें खींच लिया। बाद में सिद्धांत आए। इस पूरे ऑपरेशन में 30 मिनट का समय लगा।


Credit By Amar Ujala

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