यूपी- झांसी अस्पताल हादसा : लखनऊ के 80 अस्पतालों को अग्निशमन विभाग ने जारी किया नोटिस – INA

उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में नवजात बच्चों के वार्ड में हुए अग्निकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में बीते शुक्रवार को आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई थी. घटना के बाद से ही अस्पताल प्रशासन पर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं. इस बीच राजधानी लखनऊ में अग्निशमन विभाग ने संबंधित दिशानिर्देशों पर अमल नहीं करने के आरोप में 80 अस्पतालों को नोटिस भेजा है.

मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार ने सोमवार 18 नवंबर को जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा मानकों के निरीक्षण की जरूरत के लिहाज से लखनऊ में 906 अस्पतालों और भवनों को चिन्हित किया गया है. अधिकारी के मुताबिक उन पर अग्निशमन विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है. उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ के 80 अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा के इंतजाम मानक के अनुरूप नहीं पाए गए हैं, जिसको लेकर अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है. इसके अलावा अन्य दूसरे अस्पतालों पर भी अग्निशमन विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है.

अग्निशमन विभाग करेगा अस्पतालों पर कार्रवाई

अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन.बी. सिंह को पत्र भी लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि जिन अस्पतालों को नोटिस दिया गया वहां पर मानक पूरे कराए जाएं. उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए अस्पतालों की तरफ से पुख्ता कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे में अग्निशमन विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन अस्पतालों को सील कर दिया जाएगा.

अस्पताल में अग्निशमन के उपकरण होना जरूरी

वहीं इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी एन.बी. सिंह का कहना है कि 50 बेड से कम क्षमता वाले अस्पतालों के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं होती, उनका सिर्फ पंजीकरण कराया जाता है. सिंह ने कहा कि अगर भवन मानकों के विपरीत बना है या फिर उसमें अग्निशमन के उपकरण नहीं हैं तो उस पर अग्निशमन विभाग कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है.

चिकित्सा विभाग की टीम कर रही अस्पतालों का निरीक्षण

इसके आगे उन्होंने ये भी बताया कि चिकित्सा विभाग की टीम भी कई अस्पतालों का निरीक्षण कर रही है. अच्छे से अस्पतालों की जांच पड़ताल की जा रही है और जहां भी खामियां मिल रही हैं, उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर नोटिस मिलने के बाद भी सुधार नहीं किया गया तो उन अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा.

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