दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद अलीगढ़ शहर की हवा जहरीली हुई थी। रही सही कसर शादी-ब्याह में हुई आतिशबाजी ने पूरी कर दी। इससे शहर का एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। हवा में प्रदूषण बढ़ने से जलन के चलते आंखों से आंसू निकलने लगे हैं। वहीं, सांस और गले में खराश के रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है।
19 नवंबर को प्रदूषण के स्तर में 18 नवंबर की अपेक्षा कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई। प्रदूषण का स्तर 405 रहा। इससे राहगीरों एवं वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के जेएन मेडिकल कॉलेज, जिला मलखान सिंह अस्पताल, पंडित दीन दयाल संयुक्त अस्पताल एवं गांधी नेत्र चिकित्सालय समेत निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कतों के लगभग 700 मरीज पहुंचे। 19 नवंबर को मंडलायुक्त चैत्रा वी. ने प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों को बुलाकर प्रदूषण के स्तर के बारे में ली और बचाव के उपायों के बारे में पूछा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स का सामान्य मापक 100 माइक्रो ग्राम प्रति क्यूबिक है। इसके बढ़ने पर वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि शहर के आवासीय क्षेत्र ज्ञान सरोवर, एएमयू समेत कई स्थानों पर पीएम -10 को मापने के लिए मैन्युअल सैंपलर मशीन से सैंपल कराया जा रहा है। शहर के कंपनीबाग, रसलगंज, आगरा रोड, एटा चुंगी चाैराहा, क्वार्सी चाैराहा को रेड जोन में रखा गया है। यहां वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि धुंध के असर को कम कराने के लिए नगर निगम को पानी का छिड़काव कराने को कहा गया है।
Credit By Amar Ujala
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