यूपी – प्रधानमंत्री आवास योजना: बरेली के 2344 बेघरों को नौ साल से छत मिलने का इंतजार, बिल्डर कर रहे लेटलतीफी – INA

 प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बरेली जिले के 2,344 गरीब परिवारों को नौ साल से अपनी छत का इंतजार है। वर्ष 2018 में शुरू हुई योजना में तीन बिल्डरों को आवास बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। करोड़ों रुपये का सरकारी अनुदान लेने के बावजूद बिल्डर लेटलतीफी कर रहे हैं। एक ने आवास बना दिए हैं, लेकिन लाभार्थियों को अब तक कब्जा नहीं मिल सका। दो अन्य बिल्डरों का काम 65 फीसदी पर अटका है, जबकि लाभार्थी किराये के मकान, झोपड़ी और अस्थायी ठिकानों पर जिंदगी गुजार रहे हैं।


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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) क्षेत्र में निजी बिल्डरों को बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों के निर्माण के साथ गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बदले केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रति आवास 2.50 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। योजना का उद्देश्य था कि गरीब परिवारों को कम कीमत पर पक्का घर मिल सके, लेकिन बिल्डरों की सुस्ती ने इन परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीसलपुर रोड निवासी कैलाश और श्यामलाल जैसे कई लाभार्थी अब भी अपने आशियाने के लिए अधिकारियों और बिल्डर के चक्कर लगा रहे हैं।

एक बिल्डर ने बनाए 1500 फ्लैट, फिर भी कब्जा नहीं 

मेगा इंफ्रा ड्रीम को कुआंडांडा पुरनापुर में 1500 फ्लैट बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बिल्डर ने भवन तैयार कर दिए, लेकिन अब तक लाभार्थियों को कब्जा नहीं मिल सका है। धनराज बिल्डर्स को घंघोरा पिपरिया में 480 और मोहन बिल्डर्स को हमीरपुर में 364 फ्लैट बनाने हैं। दोनों परियोजनाओं का करीब 65 फीसदी काम ही पूरा हो सका है।


Credit By Amar Ujala

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