एक बार फिर आरपीएफ बनी मददगार: ट्रेन में यात्रा के दौरान मां से बिछड़े बच्चे को मिलाया, मुंबई से प्रतापगढ़ जा रहा था परिवार…

डीडीयू जंक्शन पर प्रयागराज महाकुंभ के मद्देनजर स्टेशन परिसर और ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थिति इतनी विकराल है कि लोग बीमार पड़ने के साथ ही एक दूसरे से बिछड़ जा रहें हैं। गनीमत है कि इस विकट परिस्थितियों के बीच यात्रियों के खेवनहार के रूप में आरपीएफ टीम मददगार साबित हो रही है। कुछ इसी तरह का मामला आज देखने को मिला जब मुंबई से प्रयागराज के लिए ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री भीड़ की अधिकता के शिकार हो गए। एक 10 साल का मासूम अपनी मां से बिछड़ गया। बच्चे के बिछड़ने से मां की करुण क्रंदन से ट्रेन में माहौल गमगीन हो उठा। सूचना पर डीडीयू जंक्शन की आरपीएफ टीम सक्रिय हो उठी और जंक्शन पर ट्रेन के पहुंचते ही आरपीएफ और मेरी सहेली टीम की कड़ी मशक्कत और खोजबीन के बाद मां और बेटे को मिलाया गया, तब जाकर मां की जान में जान आई। परिजनों ने डीडीयू आरपीएफ को तहेदिल से धन्यवाद दिया।

विदित हो कि प्रयागराज महाकुंभ के मद्देनजर यात्रियों की भारी भीड़ ट्रेनों में उमड़ रही है। इस दौरान कई मामले ऐसे सामने आए जब यात्रियों की जान पर बन आई, लेकिन खेवनहार के रूप में आरपीएफ टीम भगवान बनकर सामने आई और यात्रियों का उचित इलाज कराकर उनके गंतव्य को रवाना किया। लेकिन आज 182356 छत्रपति शिवाजी पटना एक्सप्रेस ट्रेन में मुंबई से प्रतापगढ़ जाने के लिए यात्रा कर रहे महिला यात्री रिमा यादव के साथ कुछ इस कदर की घटना घटी कि उनकी पुकार सुनकर हर किसी का मन द्रवित हो उठा। बता दें कि ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण जब ट्रेन छिवकी स्टेशन से डीडीयू जंक्शन के लिए रवाना हुई तो उनका 10 साल का मासूम बालक बिछड़ गया। बेटे को साथ ना पाकर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने स्थिति की सूचना डीडीयू आरपीएफ को दी तो आरपीएफ एवं मेरी सहेली टीम सक्रिय हो उठी। छत्रपति शिवाजी पटना एक्सप्रेस ट्रेन के जंक्शन पर पहुंचते ही पहले आरपीएफ टीम ने परिजनों को ट्रेन से उतारा, उसके बाद बच्चे को ढूंढने में मशगूल हो गई। काफी मशक्कत और खोजबीन के बाद मासूम बच्चे को टीम ने ट्रेन से उतारकर मां के सुपुर्द किया। बच्चे को मां से मिलाने पर यात्रा कर रहा पूरा परिवार डीडीयू आरपीएफ को थैंक्यू बोला और गंतव्य की तरफ रवाना हो गए।

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