सीजी- छत्तीसगढ़ के शिवालय; यहां पूरी होती हैं मुरादें, खाली हाथ नहीं लौटते शिवभक्त; खुद बजरंग बली ने रखा था शिवलिंग – INA

Sawan 2026; Hatkeshwarnath temple Raipur; इस बार श्रावण महीने की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होने पर रायपुर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह पांच बजे से ही रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के शिव मंदिरों में लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। राजधानी के सभी शिवालय हर-हर महादेव की जयघोष से गूंज रहे हैं। रायपुर के महादेवघाट स्थित हटकेश्वरनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन भारी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान भगवान हाटकेश्वरनाथ महादेव की मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

कल्चुरी राजाओं ने बनाया था मंदिर 

1402 ई में कल्चुरी वंश के राजा रामचंद्र के पुत्र ब्रह्मदेव राय के शासन काल में हाजीराज नाइक ने मंदिर का निर्माण करवाया था। ऐसी मान्यता है कि यहां नंदी महाराज के कानों में जो भक्त फरियाद या मन्नत मांगते हैं, उसकी भगवान शिव मुरादें जरूर पूरी करते हैं। सावन के महीने में यहां रायपुर और प्रदेश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों से श्रद्धालु कांवर लेकर पहुंचते हैं। जिले के कोने-कोने से लोग यहां पहुंचते हैं। हर साल बड़े पैमाने पर धूमधाम से कांवर पदयात्रा भी निकाली जाती है। इसमें रायपुर पश्चिम बीजेपी विधायक राजेश मूणत और कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की कांवर पदयात्रा विशेष आकर्षक होती है। इसमें जिलेभर से लोग शामिल होते हैं। 

जानें धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं और पुराणों के अनुसार, जहां भगवान श्रीराम लंका पर चढ़ाई के लिए रामेश्वरम में समुंद्र पर पुल बनाने की योजना बनाई तो उस समय बजरंग बली को शिवलिंग लाने के लिए कहा गया था। इस पर बजरंग बली शिवलिंग लाने गए। इस दौरान शिवलिंग लाने में काफी देर हुई, तो भगवान राम ने रामेश्वरम में रेत से ही विधि-विधान से पूजा अर्चना कर शिवलिंग की स्थापना कर दी थी। बजरंग बली को किसी नदी के किनारे उस शिवलिंग को रखने के लिए कहा गया। कहा जाता है कि भगवान हनुमान ने रायपुर में खारून नदी के तट पर शिवलिंग रखकर चले गए, जो कालांतर में हटकेश्वर नाथ, महादेव घाट के  नाम से विख्यात हुआ। 

क्या है आकर्षण? 

हरिद्वार के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर यहां बने लक्ष्मण झूला और खारून नदी में नाव की सवारी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पास में बने गॉर्डन यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। रायपुर सहित अन्य जिलों के सैलानी यहां बड़ी संख्या पहुंचकर इसका आनंद लेते हैं। शहर की जीवनदायिनी नदी ‘खारुन’ तट पर स्थित ऐतिहासिक हटकेश्वरनाथ मंदिर का विशेष महत्व है।


Credit By Amar Ujala

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