खबर शहर , UP: महिलाओं की जिद से छूटे शराबियों के पसीने, ठेके पर रात 10 बजे तक धरना; नहीं बिकने दी एक भी बूंद शराब – INA

आगरा के आलोक नगर चौराहे पर रिहायशी इलाके के बीच खुले शराब के ठेके के विरोध में बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया। क्षेत्रीय पार्षद रेनू गुप्ता के नेतृत्व में महिलाओं ने रात 10 बजे तक धरना दिया और ठेके से शराब की एक भी बूंद नहीं बिकने दी। स्थानीय निवासियों ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ठेके को तत्काल बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।

नई आबकारी नीति के तहत शराब ठेकों और कम्पोजिट दुकानों के आवंटन में धांधली की परतें खुल रही हैं। नियमों को दरकिनार करके राजस्व के लालच में खुले ठेके को लेकर आलोक नगर में लोग आक्रोशित हैं। बृहस्पतिवार को प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि आलोक नगर एक पॉश और रिहायशी कॉलोनी है। विवादित शराब के ठेके के आसपास पांच से अधिक मंदिर, कई विद्यालय और बच्चों के ट्यूशन सेंटर संचालित हैं। ऐसे में यहां शराब की दुकान खुलने से स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा पार्षद रेनू गुप्ता ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में जिला आबकारी अधिकारी केपी यादव से शिकायत की गई थी। उस समय उन्होंने ठेका बंद रखने का आश्वासन दिया था। 15 दिनों तक ठेका बंद रहा। बृहस्पतिवार को अचानक ठेके का संचालन फिर शुरू कर दिया गया। महिलाओं ने रात दस बजे तक प्रदर्शन किया। भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा। इस दौरान सुमन फौजदार, टीना अग्रवाल, वंदना सिंघल, मोना सोलंकी, विवेक पाराशर, आरती पाराशर, गीतांजलि वर्मा, सुनीता, पूनम सिंघल, काके यादव, दिवाकर महाजन, जेठा भाई, मनोज कुमार और हरिशंकर पाराशर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

दूसरी जगह करेंगे शिफ्ट

शराब ठेके को लेकर हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। दूसरी जगह इसे शिफ्ट किया जाएगा। पांच अगस्त को कोर्ट में सुनवाई होगी। प्रदर्शनकारियों से वार्ता की गई है। – केपी यादव, जिला आबकारी अधिकारी

 


Credit By Amar Ujala

Back to top button