खबर शहर , UP: बिल्ली के रास्ता काटने पर क्या आप भी रुक जाते हैं? नहीं रुकने पर होता है अपशकुन, आखिर क्या है सच – INA

कभी बिल्ली के रास्ता काटने पर लोगों के कदम ठहर जाते थे और अशुभ मानकर रास्ता बदल लिया जाता था। मगर वक्त के साथ सोच ऐसी बदली कि अब यही म्याऊं-म्याऊं करने वाली बिल्लियां घरों की लाड़ली और परिवार का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। किसी ने इन्हें परिवार के सदस्य की तरह रखा है तो किसी ने उनके लिए अलग कमरा तक तैयार कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बिल्ली दिवस पर शहर में बिल्लियों को लेकर बदली सोच और अपनेपन की तस्वीर दिखाई देती है।




 


Credit By Amar Ujala

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