खबर शहर , Agra News: ढलती उम्र में हाैसले की चढ़ाई…माउंट आबू पर दौड़ लगाई – INA

आगरा। उम्र 68 साल…माउंट आबू की पहाड़ियों के 45 डिग्री चढ़ाई वाले मार्ग पर 21 किमी. की दूरी। फौलाद से हौसले वाले वेटरन धावक मोहन सिंह आर्य ने इस रास्ते को भी अपने कदमों से बाैना साबित कर दिया। राजस्थान के माउंट आबू में 9 अगस्त को आयोजित 8वीं दादी प्रकाशमणि आबू हाफ मैराथन में उन्होंने 3 घंटे 6 मिनट में दाैड़ पूरी कर फिनिशर मेडल हासिल किया।
विभव नगर निवासी मोहन सिंह आर्य बीएसएनएल से सेवानिवृत्त हैं। वह देशभर में होने वाली मैराथन में लगातार हिस्सा लेते हैं। उनके लिए दौड़ प्रतियोगिता के साथ फिटनेस और सक्रिय जीवन का माध्यम भी है। उन्होंने ने बताया कि माउंट आबू की पहाड़ियों पर मैराथन का मार्ग काफी चुनौतीपूर्ण था। चढ़ाई वाले हिस्सों ने धावकों की फिटनेस और सहनशक्ति की परीक्षा ली। अपनी गति को नियंत्रित रखते हुए दूरी तय कर फिनिश लाइन पार की।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की ओर से विश्व शांति और बंधुत्व के संदेश के साथ आयोजित की गई मैराथन में भारत के अलावा 12 अन्य देशों के भी 4,000 धावकों ने हिस्सा लिया। मोहन सिंह आर्य ने माउंट आबू की पहाड़ियों पर दौड़ लगाकर साबित कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति के सामने उम्र कोई बाधा नहीं है। इससे पहले वह जून में हिमाचल प्रदेश में हुई राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में लंबी दूरी की तीन स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
क्या है फिनिशर मेडल
फिनिशर मेडल वह सम्मान है जो किसी मैराथन, दौड़ या खेल प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले हर प्रतिभागी को दिया जाता है। यह मेडल जीतने या पहले स्थान पर आने के लिए नहीं, बल्कि तय की गई चुनौती की अंतिम रेखा (फिनिश लाइन) को पार करने के लिए मिलता है।