खबर शहर , Agra News: बेटियों ने चुना अपना रास्ता, पिता सुप्रीम कोर्ट में करेंगे अपील – INA

आगरा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सगी बहनों ने अपना अलग रास्ता चुन लिया। सुनवाई के बाद वापस घर नहीं आईं हैं। इससे पिता दुखी हैं। उनका कहना है कि बरामदगी के बाद उन्हें पुलिस की निगरानी में रखा जाना चाहिए था। आदेश के खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।
धर्म परिवर्तन करने वाली सगी बहनों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिता की ओर से हिरासत में रखने को व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया था। साथ ही पिता और प्रदेश सरकार को संयुक्त रूप से 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दोनों बहनों को पेश किया तो बताया कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया है। कहा था कि पिता फैसले से सहमत नहीं थे। उन्हें वापस हिंदू धर्म अपनाने के लिए दबाव डाल रहे थे। उन्हें जबरन घर में रोका गया।
पिता ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश सुनने के बाद दोनों बेटियां घर नहीं आईं। वहीं कहीं चली गई। उन्हें नहीं पता कि वो अब कहां पर रह रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को बरामदगी के बाद ही बेटियों को अपनी निगरानी में किसी गृह में रखवाना चाहिए था। वह घर आने के बाद आराम से रह रही थीं। कभी ऐसा नहीं लगा कि वो फिर से उनसे दूर चली जाएंगी। बड़ी बेटी एमएससी, एमफिल और बीएड किया है। पूर्व में वो नौकरी भी कर रही थी। मगर कुछ दिन बाद खुद ही छोड़कर आ गई थी। उसे कभी नौकरी करने से नहीं रोका। यही वजह थी कि घर आने के बाद उन्हें मोबाइल भी दे दिया था। इससे ही उन्होंने अपील की थी। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। इसके लिए अपने अधिवक्ता से भी बात की है।
पिता के नहीं रुक रहे आंसू
बेटियों के जाने से पिता दुखी हैं। उन्होंने मंगलवार को अमर उजाला रिपोर्टर से बातचीत में अपनी पीड़ा बयां की। कहा कि उनकी तीन बेटियां हैं। बेटियों को अच्छे से पढ़ा रहे थे। इसी बीच उनका संपर्क कुछ लोगों से हो गया। वे घर से चली गईं। वापस आईं तो उनके इस्लाम धर्म अपनाने के बारे में पता चला। पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया। बेटियों की कई दिन काउंसिलिंग हुई थी। इसके बाद घर आई थीं। न जाने उन्हें फिर से क्या हुआ, जो बंधक बनाने का आरोप लगा दिया।