खबर शहर , Agra News: बाढ़ का डर दिखाकर 2.70 मीटर उतरी चंबल – INA

बाह/पिनाहट। अपस्ट्रीम में सहायक नदियों काली सिंध एवं पार्वती का पानी आने से उफनाई चंबल नदी में बुधवार को जलस्तर 112 से बढ़ कर 120.70 मीटर होने से बाह के 38 गांवों में बाढ़ कर खतरा पैदा हो गया था। जितनी तेजी से जलस्तर बढ़ा था, बृहस्पतिवार को उसी गति से 2.70 मीटर की गिरावट के साथ जलस्तर 119 मीटर रह गया है। चंबल नदी पर लाल निशान 130 मीटर पर, जबकि चेतावनी लेवल 127 मीटर पर है। बुधवार को चंबल के उफान से बाह के रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा, मऊ की मढैया, गुढ़ा, पुरा डाल, पिनाहट के रेहा, डगोरा, पुरा शिवलाल, झरनापुरा, भगवानपुरा, उमरैठा पुरा, क्योरी बीच का पुरा गांव के लोगों की बाढ़ के खतरे से नींद उड़ गई थी।


रेहा के प्रधान अजय कौशिक, सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह, मऊ के प्रधान उदयभान सिंह के मुताबिक उफान का पानी नदी से जुड़ने वाले निचले इलाके के खादर और बीहड़ के कच्चे रास्तों पर भरने लगा था। एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप कुमार, एसडीएम बाह विनोद कुमार ने उफान से प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर 8 बाढ़ चौकियों का गठन मंसुखपुरा, पिनाहट, उमरैठा, बासौनी, सिमराई, पुरा भगवान, खेड़ा राठौर, नंदगवा में कराया था। बृहस्पतिवार को जलस्तर में दर्ज हुई गिरावट से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ ने हल्का लेखपालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। भगवानपुरा के बच्छराज सिंह, पुरा डाल के भागीरथ, गुढ़ा के हजूरी ने बताया बुधवार को रात भर ग्रामीण जाग कर नदी के जलस्तर पर टकटकी लगाए रहे। बृहस्पतिवार सुबह से पानी उतरने पर राहत की सांस ली है।

वर्जन-

नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई है। फिर भी प्रशासन नजर रखे है। ग्रामीणों को नदी क्षेत्र में न जाने की हिदायत दी गई है।

– विनोद कुमार, उप जिला अधिकारी, बाह


Credit By Amar Ujala

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