Sport : Explainer: गॉल के बाद अब कोलंबो फतह की तैयारी! जानें कैसे इन 5 भारतीय खिलाड़ियों के चक्रव्यूह में फंस सकती है श्रीलंकाई टीम #INA

IND vs SL: भारतीय टीम इस वक्त श्रीलंका दौरे पर 2 टेस्ट मैचों की सीरीज खेल रही है. गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 165 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. अब भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट मैच 23 अगस्त से कोलंबो के ऐतिहासिक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में खेला जाएगा. इस मैच को जीतकर टीम इंडिया न सिर्फ सीरीज को अपने नाम करेगी, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिए अंक भी प्राप्त करेगी. वहीं मेजबान श्रीलंका की नजर इस मैच को जीतकर सीरीज बराबरी पर खत्म करने पर होगी. तो चलिए इस आर्टिकल में जानने की कोशिश करते हैं कि कोलंबो टेस्ट में कौन-कौन से भारतीय खिलाड़ी श्रीलंका को अपने जाल में फंसा सकते हैं और टीम इंडिया को सीरीज जिता सकते हैं.

देवदत्त पडिक्कल के पास है निरंतरता और स्पिन के खिलाफ ठोस तकनीक

देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट की पहली पारी में 167 रनों की बड़ी पारी खेली थी और पहले ही दिन से टीम इंडिया को मैच में आगे रखा था. उन्होंने अपनी इस पारी से साबित कर दिया था कि वो क्रीज पर काफी वक्त बिता सकते हैं और एक लंबी पारी खेल सकते हैं. पडिक्कल एक लंबी कद-काठी के बल्लेबाज हैं. कोलंबो की टर्निंग पिच पर जब प्रभात जयसूर्या जैसे श्रीलंकाई स्पिनर अपनी फिरकी का जाल बुनेंगे, तब पडिक्कल का कदमों का इस्तेमाल उनका मुख्य हथियार बनेगा.

कोलंबो की पिच वैसे तो बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन फिर तीसरे और चौथे दिन बल्लेबाजी मुश्किल हो जाती है. ऐसे में अगर पडिक्कल एक छोर पर टिके रहते हैं तो टीम इंडिया पहली पारी में श्रीलंका पर मानसिक और रनों की बढ़त बना सकता है. पडिक्कल का मिडिल ऑर्डर में एक बाएं हाथ के बल्लेबाज का होना श्रीलंकाई स्पिनरों की लाइन और लेंथ को लगातार बिगाड़ने में मदद करेगा, जिससे विपक्षी कप्तान के लिए फील्डिंग सेट करना मुश्किल हो जाएगा.

कोलंबो की टर्निंग ट्रैक पर श्रीलंका के लिए खतरा बन सकते हैं मानव सुथार

भारतीय टीम के 24 साल के युवा लेफ्ट-आर्म स्पिनर मानव सुथार ने गॉल टेस्ट में कुल 10 विकेट लेकर सनसनी मचाई थी. उन्होंने पहली पारी में 4 विकेट और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर श्रीलंका की कमर तोड़ी थी. अब कोलंबो टेस्ट में भी सुथार टीम इंडिया के लिए एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं. कोलंबो के SSC मैदान पर पारंपरिक रूप से तीसरे दिन से स्पिनरों को काफी मदद मिलने लगती है.

मानव सुथार की सबसे बड़ी ताकत उनकी एक ही टप्पे पर लगातार गेंद फेंकने की क्षमता है. जब कोलंबो की पिच पर दरारें खुलेंगी, तो सुथार की सीधी और टर्न होने वाली गेंदों में अंतर कर पाना श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए नामुमकिन सा हो जाएगा. SSC की मिट्टी सूखी होने के कारण खेल के आगे बढ़ने के साथ वहां रफ बन जाते हैं. ऐसे में सुथार इन रफ पैच का इस्तेमाल कर श्रीलंकाई बल्लेबाजों को ड्राइव करने के लिए मजबूर करेंगे और स्लिप या सिली-पॉइंट पर कैच के मौके बना सकते हैं. वहीं सुथार अपनी फ्लाइट और गति में बदलाव के कारण श्रीलंकाई बल्लेबाजों को बैकफुट पर ही खेलने पर मजबूर करेंगे. 

ऋषभ पंत अपने काउंटर-अटैक से श्रीलंका को मैच में कर सकते हैं पीछे

ऋषभ पंत आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़े ‘गेम चेंजर’ हैं. गॉल टेस्ट की दूसरी पारी में उनकी 66 रनों की ताबड़तोड़ पारी ने श्रीलंका को मैच में कहीं भी वापसी का मौका नहीं दिया था. पंत अपनी अटैकिंग बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. उन्हें मैदान पर अतरंगी शॉट लगाते देखा जाता है. अगर श्रीलंका के स्पिनर कोलंबो में हावी होने की कोशिश करेंगे, तो पंत क्रीज से बाहर निकलकर या रिवर्स-स्वीप खेलकर उनकी लेंथ को पूरी तरह बिगाड़ सकते हैं. इससे श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा लगातार फील्डिंग में बदलाव करने पर मजबूर हो जाएंगे.

ऋषभ पंत कुछ घंटे क्रीज पर टिक गए तो फिर वो अपने गियर चेंज करते हैं और विस्फोटक पारी खेलते हैं, जिससे टीम इंडिया जल्दी ही एक बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है और फिर भारत के पास श्रीलंका को 2 पारियों में आउट करने के लिए पर्याप्त ओवर और समय होगा. स्पिनरों की मददगार पिच पर विकेटकीपर की भूमिका 5वें गेंदबाज जैसी होती है. सुथार और जडेजा की गेंदों पर टर्न और बाउंस को भांपकर पंत स्टंपिंग और कैच के मौकों को भुनाएंगे, जो मैच का पूरा रुख पलट सकता है.

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