खबर शहर , रेलवे जेई की मौत: रक्षाबंधन पर घर आने का था वादा, मां पूछती रही कहां है बेटा; कफन में पहुंचा शव – INA

मां बार-बार पूछती रही-मेरा मनोज कहां है, एक बार उसे दिखा दो। परिजन आंसू छिपाकर उन्हें ढाढ़स बंधाते रहे, क्योंकि मनोज हमेशा के लिए जा चुके थे। सैंया के जाजऊ में रेलवे ट्रैक पर काम करते समय ट्रेन की चपेट में आए चंदौसी निवासी रेलवे जेई मनोज सैनी की मंगलवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। जिस बेटे के सिर पर सेहरा सजने का इंतजार था, बुधवार को उसी का शव कफन में लिपटकर घर पहुंचा।

मनोज तीन भाइयों में मझले थे। बड़े भाई बबलू सैनी और छोटे भाई अंकुर सैनी हैं। पिता प्रेमचंद सैनी, मां सुंदरी सैनी और दोनों भाई चंदौसी के बहजोई रोड स्थित पंचमुखी मंदिर सीएल गैस एजेंसी के पास रहते हैं। दोनों भाई पिता के साथ बाजार में मेडिकल स्टोर की दुकान चलाते हैं।

मामा भगवान दास सैनी ने बताया कि मंगलवार शाम मनोज के स्टाफ ने फोन करके उनके ट्रेन की चपेट में आने की सूचना दी। बताया कि हादसे में उनके दोनों पैर कट गए हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचना मिलते ही परिजन चंदौसी से आगरा के लिए रवाना हो गए। रात करीब 12 बजे मनोज के पिता प्रेमचंद सैनी, मां सुंदरी, भाई अंकुर और मामा समेत पांच लोग आगरा पहुंचे। यहां उन्हें मनोज की मौत की जानकारी मिली। परिवार के लोग रातभर पोस्टमार्टम हाउस पर भूखे-प्यासे बैठे रहे। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद 3:15 बजे परिजन एसएन मेडिकल काॅलेज स्थित पोस्टमार्टम गृह से शव लेकर चंदौसी रवाना हो गए। परिवार चंदौसी में ही मनोज का अंतिम संस्कार करेगा।

तीसरे प्रयास में पाया था रेलवे में मुकाम

मनोज सैनी ने राजस्थान से एआई ट्रिपल ई करने के बाद नोएडा से बीटेक किया था। रेलवे में नौकरी के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया और तीसरे प्रयास में चयनित हुए। कानपुर-चित्रकूट में प्रशिक्षण के बाद मार्च 2023 में आगरा में उनकी जॉइनिंग हुई थी। तैनाती के दौरान वह मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के पास रह रहे थे।

रक्षाबंधन पर घर आने का किया था वादा

मनोज अविवाहित थे। उनके लिए रिश्ते आ रहे थे और परिजन लड़की देख रहे थे। परिवार को जल्द उनके सिर पर सेहरा सजने की उम्मीद थी। मनोज ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा भी किया था, लेकिन इससे पहले ही हादसे ने उनकी जान ले ली। बड़े भाई बबलू की शादी हो चुकी है। रेलवे की ओर से अंतिम संस्कार के लिए 10 हजार रुपये दिए गए हैं।

 


Credit By Amar Ujala

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