Crime- यमुनानगर में खौफ का मंजर: जान बचाने के लिए कार की ओट में भागे थे हरभजन, बोनट छलनी कर सिर में दाग दीं गोलियां -#INA

मॉडल टाउन की वो शांत सुबह अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट और चीखों में तब्दील हो जाएगी, किसी ने सोचा भी नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी और हत्या के पक्के इरादे से आए थे। उन्होंने हरभजन सिंह को संभलने का एक सेकंड भी नहीं दिया।

घात लगाकर बैठे थे शूटर

सुबह करीब साढ़े सात बजे जब 60 वर्षीय हरभजन सिंह जिम से बाहर निकले, तो उन्हें अंदेशा भी नहीं था कि मौत चंद कदमों की दूरी पर उनका इंतजार कर रही है। बाइक पर मुंह पर कपड़ा बांधे खड़े दो शूटरों ने उन्हें देखते ही पिस्तौल तान दी। पहली गोली चलते ही हरभजन सिंह अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर अपनी कार की तरफ भागे और खुद को बचाने के लिए गाड़ी की ओट ली।

बोनट पर लगीं दो गोलियां, फिर नजदीक आकर किया पॉइंट-ब्लैंक फायर

बदमाशों के सिर पर खून सवार था। भागते हुए हरभजन पर चलाई गई गोलियों में से दो सीधे गाड़ी के बोनट पर जाकर लगीं। जब हरभजन कार के पास लड़खड़ाए, तो एक शूटर दौड़ते हुए उनके ठीक सामने पहुंच गया और बेहद नजदीक से उनके सिर और सीने को निशाना बनाकर लगातार कई फायर झोंक दिए। करीब 8 राउंड की फायरिंग से पूरा इलाका दहल उठा। खून से लथपथ हरभजन जमीन पर गिरे और शूटर हवा में हथियार लहराते हुए बाइक से फरार हो गए।

दहशत में बंद हुए शटर, कोई . आने की हिम्मत नहीं जुटा सका

फायरिंग इतनी ताबड़तोड़ थी कि आसपास टहल रहे लोग और दुकानदार अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छिपने लगे। गोलियों की आवाज थमने के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे, तब तक हरभजन सिंह का शरीर शिथिल पड़ चुका था। निजी गाड़ी से अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं।

कारोबारी रंजिश या सुनियोजित सुपारी किलिंग?

जिस बेखौफ अंदाज में पॉश इलाके में इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि शूटरों ने कई दिनों तक हरभजन की रेकी की थी। उन्हें ठीक-ठीक पता था कि वे किस समय जिम आते हैं और कब बाहर निकलते हैं। फाइनेंस के लेन-देन में उपजी रंजिश या फिर किसी संगठित गिरोह द्वारा सुपारी देकर कराई गई हत्या है, पुलिस अब इन दोनों ही थ्योरी पर काम कर रही है। घर पर छोटे बेटे दिलबाग के आंसू नहीं थम रहे, वहीं विदेश में बैठे बड़े बेटे को पिता के इस दर्दनाक अंत की खबर देने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा है।

Credit By Amar Ujala

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