खबर शहर , Agra News: कच्चे माल के दाम 35% तक चढ़े, पैकेजिंग उद्योग पर गहराया संकट – INA

आगरा। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से कोरुगेटेड बॉक्स और पेपर पैकेजिंग उद्योग गंभीर आर्थिक संकट में फंस गया है। क्राफ्ट पेपर, एडहेसिव, इंक और केमिकल्स के दाम में 20 से 35 प्रतिशत तक का उछाल आया है। उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के बावजूद तैयार पैकेजिंग सामग्री की दरें न बढ़ पाने से निर्माताओं का मुनाफा खत्म हो गया है, जिससे इकाइयों के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है।

कोरुगेटेड बॉक्स उद्योग एफएमसीजी, खाद्य पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स, फार्मास्यूटिकल्स और ई-कॉमर्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों की सप्लाई चेन का आधार है। पैकेजिंग निर्माता पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण तय दरों पर सप्लाई देने को बाध्य हैं, जबकि नया कच्चा माल बेहद महंगा मिल रहा है। लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी से एमएसएमई इकाइयों के पास उत्पादन घटाने या कारखाने बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा है।

वर्जन

– कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आया है। पूर्व में 30 रुपये प्रति किलो मिलने वाला क्राफ्ट पेपर अब 37 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं एडहेसिव के दाम 90 रुपये से बढ़कर 130-135 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रिंटिंग इंक और लेमिनेशन फिल्म के दाम भी बेतहाशा बढ़े हैं। -बंटी ग्रोवर, महासचिव आगरा पेपर एंड पैकेजिंग एसोसिएशन

-सरकार से कच्चे माल की उपलब्धता और दरों की तत्काल समीक्षा करने और उपलब्धता बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक खरीदार बढ़ी हुई लागत के अनुरूप मूल्य संशोधन स्वीकार करें, वरना पूरी सप्लाई चेन ठप हो जाएगी और हजारों रोजगार प्रभावित होंगे। -प्रदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष आगरा पैकेजिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

कच्चे माल के बेतहाशा बढ़ते दाम और पुराने रेट पर सप्लाई के दबाव ने पैकेजिंग इकाइयों की कमर तोड़ दी है। हमारी वर्किंग कैपिटल खत्म हो रही है और बैंक की किस्तें चुकाना मुश्किल हो गया है। अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो सैकड़ों इकाइयां बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगी। – प्रदीप पुरी, अध्यक्ष, आगरा पेपर एंड पैकेजिंग एसोसिएशन


Credit By Amar Ujala

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