Sports- चेस: 22 साल बाद स्विट्जरलैंड में सजेगी विश्व शतरंज की बिसात, विश्व चैंपियन गुकेश को सिंदारोव की चुनौती -#INA

शतरंज जगत का सबसे बड़ा मंच विश्व चैंपियनशिप इस साल के अंत में 24 नवंबर से 11 दिसंबर तक अपने गढ़ स्विट्जरलैंड के जेनेवा में होगी। यहां इतिहास के सबसे युवा विश्व चैंपियन भारत के 20 वर्षीय डी. गुकेश को उज्बेकिस्तान के विश्व चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव चुनौती पेश करेंगे।
2004 में पहली बार चैंपियनशिप स्विट्जरलैंड में हुई थी, जहां व्लादिमीर क्रैमनिक ने पीटर लेको को हराया था। अब 22 साल बाद फिर यह टूर्नामेंट स्विट्जरलैंड लौट रहा है। शतरंज की बिसात जेनेवा स्थित कोलोग्नी की प्रख्यात फोन्डेशन मार्टिन बोडमर लाइब्रेरी और म्यूजियम में बिछेगी।
| कार्यक्रम | तारीख |
|---|---|
| ओपनिंग सेरेमनी | 22 नवंबर |
| पहले से 14वें दौर तक के मैच | 24 नवंबर–11 दिसंबर |
| टाईब्रेकर | 12 दिसंबर |
हर गेम जीतने पर मिलेंगे दो करोड़ रुपये
कुल पुरस्कार राशि 25 लाख अमेरिकी डॉलर (23.97 करोड़ रुपये) है। प्रत्येक खिलाड़ी को जीते गए हर गेम के लिए 2 लाख अमेरिकी डॉलर (1.91 करोड़ रुपये) मिलेंगे। मैच के अंत में शेष राशि दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबर बांटी जाएगी।
कैसा होगा प्रारूप
यह मैच अधिकतम 14 क्लासिकल गेम्स का होगा। जीत पर 1 अंक और ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलेंगे। जो खिलाड़ी पहले 7.5 अंक हासिल करेगा, वही विश्व चैंपियन बनेगा। अगर 14 गेम्स के बाद स्कोर 7-7 रहा, तो टाइब्रेकर से फैसला होगा। हर गेम में खिलाड़ियों को पहली 40 चालों के लिए 120 मिनट मिलेंगे। फिर बाकी गेम के लिए 30 मिनट अतिरिक्त मिलेंगे। 41वीं चाल से हर चाल में 30 सेकंड का इजाफा होगा। काले मोहरों से खेलते हुए 40वीं चाल से पहले ड्रॉ ऑफर नहीं दिया जा सकता। हालांकि, 3 बार चाल दोहराने या चाल न बचने की स्थिति में ड्रॉ हो सकता है।
ओलंपियाड आज से शुरू
शतरंज ओलंपियाड 2026 मंगलवार से समरकंद में शुरू हो रहा है। फीडे अंतरिम अध्यक्ष विश्वनाथन आनंद और एआईसीएफ अध्यक्ष नितिन नारंग ने सोमवार को उज्बेकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ी व विश्व चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव को ओलंपियाड की औपचारिक मशाल सौंपी। उज्बेकिस्तान के समरकंद में 27 सितंबर तक होने वाले इस प्रतिष्ठित टीम टूर्नामेंट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। फीडे ने 2022 में ओलंपिक मशाल की तर्ज पर यह परंपरा शुरू की थी। भारत की महिला और पुरुष टीमें खिताब बचाने उतरेंगी।