Tach – बिल्डिंग में कैसा है मोबाइल सिग्नल और नेट स्पीड? अब बस एक क्लिक में खुल जाएगा पूरा कच्चा-चिट्ठा

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इस नए सिस्टम से आम लोग प्रॉपर्टी फाइनल करने से पहले ही जान सकेंगे कि उस बिल्डिंग में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा तैयार किया गया है. इससे बढिया कनेक्टिविटी वाला घर या ऑफिस चुनने में आसानी होगी.
प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता किसी भी रेटेड प्रॉपर्टी को उसके नाम या सर्टिफिकेट आईडी से खोज सकेंगे. (प्रतीकात्मक इमेज : कैनवा)
नई दिल्ली. नया फ्लैट किराए पर लेते समय या मकान खरीदते वक्त हम टाइल्स, पेंट, बालकनी का नजारा और पार्किंग तो खूब देख लेते हैं. लेकिन सबसे बड़ी सिरदर्दी तब शुरू होती है जब घर में शिफ्ट होने के बाद बालकनी में खड़े होकर फोन पर बात करनी पड़े या वर्क फ्रॉम होम के दौरान वाई-फाई का सिग्नल ही गायब हो जाए. घर में मोबाइल नेटवर्क कैसा है, इसके बारे में आमतौर पर कोई बात ही नहीं होती. बिल्डर्स या ब्रोकर्स से पूछेंगे तो वे तो सब टनाटन ही बताएंगे. अब इस समस्या का समाधान भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने निकाल दिया है. ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म और एक खास मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो किसी भी प्रॉपर्टी की असली डिजिटल सेहत आपके सामने रख देगा.
घर के अंदर कॉल ड्रॉप होगी या क्रिस्टल क्लियर आवाज आएगी? डाउनलोडिंग की स्पीड रॉकेट जैसी होगी या बफरिंग झेलनी पड़ेगी, ये बस आप एक क्लिक पर ही पता कर लेंगे. ट्राई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी के अनुसार, इस नए सिस्टम से आम लोग प्रॉपर्टी फाइनल करने से पहले ही जान सकेंगे कि उस बिल्डिंग में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कैसा तैयार किया गया है.
घरों के चयन में सहायक
टीआरएआई के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि रेटिंग को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने और प्रमाणपत्रों के सत्यापन की सुविधा देने से उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और तुलनात्मक जानकारी प्राप्त होगी. इससे लोग ऐसे घरों और कार्यालयों का चयन अधिक जानकारी के आधार पर कर सकेंगे, जहां कॉलिंग, डाउनलोडिंग और ऑनलाइन सेवाओं की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो.
क्या होगा फायदा
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को किसी प्रॉपर्टी में विकसित की गई डिजिटल कनेक्टिविटी अवसंरचना के महत्व को समझने में भी मदद करेगी. साथ ही प्रॉपर्टी डेवलपर्स और प्रबंधन संस्थाओं को परियोजना के शुरुआती चरण से ही डिजिटल कनेक्टिविटी सुविधाओं को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी.
प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता किसी भी रेटेड प्रॉपर्टी को उसके नाम, प्रमाणपत्र संख्या (सर्टिफिकेट आईडी) या लोकेशन के आधार पर खोज सकेंगे. उन्हें संबंधित संपत्ति का डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित रेटिंग प्रमाणपत्र भी देखने को मिलेगा. इसके अलावा प्रमाणपत्र पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से उसकी प्रामाणिकता की जांच भी की जा सकेगी.
आसानी से पता चलेगी कनेक्विटी
सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल कनेक्टिविटी किसी संपत्ति की एक स्पष्ट और सत्यापन योग्य विशेषता बन जाएगी. परिणामस्वरूप, खरीदार या किराएदार अंतिम निर्णय लेने से पहले नेटवर्क और इंटरनेट सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को समझ सकेंगे. संचार मंत्रालय के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी मैनेजर्स, पंजीकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों और उपभोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर लाता है, जिससे रेटिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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