खबर शहर , Agra News: ककरैठा जमीन मामले में नगर निगम को मिला स्टे, नहीं हो पाएगा निर्माण – INA

आगरा। मौजा ककरैठा में गाटा संख्या 270 की 4,610 वर्गमीटर जमीन सिविल कोर्ट के आदेश पर नगर निगम के वाहनों की पार्किंग हटाकर खाली करा दी गई। मंगलवार को नगर निगम ने स्वामित्व के मामले में एसडीएम सदर कोर्ट में चल रहे मामले में निषेधाज्ञा प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया, जिस पर नगर निगम को स्टे मिल गया। एसडीएम कोर्ट ने अगली सुनवाई 8 अक्तूबर तक यथास्थिति रखने का आदेश जारी किया है।नगर निगम ने ककरैठा में जमीन के गेट पर अपनी संपत्ति होने का बोर्ड भी लगा दिया है।

बाबरपुर रोड पर रामरघु आनंदा के पास मौजा ककरैठा की 4,610 वर्गमीटर जमीन मामले में मंगलवार को नगर आयुक्त ने सख्ती दिखाई और संपत्ति विभाग से पूरी जानकारी हासिल की। उनके निर्देश के बाद एसडीएम सदर कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया।

मौजा ककरैठा मुस्तकिल की 4,610 वर्गमीटर जमीन राजस्व अभिलेखों में बंजर जमीन के नाम से दर्ज है, जिसका प्रबंध नगर निगम के पास है। 9 मई 2008 को तत्कालीन एसडीएम सदर शत्रुघ्न सिंह ने तहसीलदार सदर की रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त को पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया कि ग्राम ककरैठा मुस्तकिल के गाटा संख्या 207 का 0.461 हेक्टेयर अभिलेखों में बंजर अंकित है। इस जमीन पर पीछे की तरफ 8×10 फीट की कोठरी बनाकर लक्ष्मीनारायण शर्मा और पंकज शर्मा ने अवैध कब्जा किया है।

कब्जेदार द्वारा करेलाबाज के 3 मार्च 1972 के कथित पट्टा के आधार पर दीवानी में वाद चल रहा है। इस आवेदन की कोई पत्रावली तहसील कार्यालय में नहीं है। तहसीलदार सदर आगरा की ओर से फर्जी पट्टे के आधार पर अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट कराकर कार्यवाही की आख्या दी गई है। निगम इसमें प्राथमिकी दर्ज कराकर कार्रवाई करे।

22 मई 2009 को तत्कालीन लेखपाल ने इस जमीन पर कांशीराम आवास बनाने के लिए तहसीलदार को रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि जमीन पर 3000 रुपये प्रति वर्गमीटर सर्किल रेट है, जिसकी कीमत 1.38 करोड़ रुपये है। लेखपाल की 4 मई 2008 की रिपोर्ट में ही तथ्य दिए गए कि 7 मार्च 1972 को कथित पट्टे की रसीद करेलाबाज के नाम से है लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड राजस्व विभाग के पास नहीं है। इसे प्रशासन की रिपोर्ट में फर्जी बताया गया। आरटीआई में वर्ष 2023 में जानकारी दी गई कि गाटा संख्या पर कभी कृषि या आवासीय पट्टा जारी नहीं किया गया।

– ककरैठा जमीन के मामले में निगम ने कानूनी कार्रवाई शुरू की है। मुझे बताया गया है कि एसडीएम कोर्ट में आवेदन के बाद अगली सुनवाई तक यथास्थिति का आदेश जारी किया गया है। निगम ने सूचनात्मक बोर्ड भी लगाया है ताकि कोई भी इस जमीन की खरीद-फरोख्त न करे। – संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त


Credit By Amar Ujala

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