खबर शहर , यूपी: स्टेशन मास्टर और जीआरपी की रार फिर पहुंची कोर्ट, मारपीट-जातिसूचक शब्द कहने का आरोप; FIR के आदेश – INA

आगरा कैंट के सहायक स्टेशन मास्टर नरेंद्र सिंह चाहर और जीआरपी कर्मियों के बीच चल रहा विवाद अभी थमा नहीं है। जीआरपी सिपाही के प्रार्थनापत्र पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट शिव कुमार ने सहायक स्टेशन मास्टर सहित अन्य के खिलाफ थानाध्यक्ष सदर को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
रेलवे सुरक्षा बल यमुना ब्रिज में कांस्टेबल पद पर तैनात थाना मलपुरा क्षेत्र के नगला माकरोल निवासी हरेश प्रताप सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। आरोप लगाया कि वह 14 जुलाई को अपने अधिकारी के आदेश पर आगरा कैंट स्थित डीआरएम कार्यालय परिसर में स्टेशन अधीक्षक समूह के धरना-प्रदर्शन में ड्यूटी करने गए थे। इस दौरान नरेंद्र सिंह चाहर और अन्य ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। विरोध पर जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित किया। इसके बाद मोबाइल, सोने की चेन और सर्विस कार्ड छीन लिए।
पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
स्टेशन मास्टर और जीआरपी कर्मचारियों के बीच विवाद इससे पहले भी अदालत पहुंच चुका है। पूर्व में एक अन्य जीआरपी कर्मी की शिकायत पर अदालत के आदेश से प्राथमिकी दर्ज हुई है। विवाद की शुरुआत ट्रेन में चेन पुलिंग की घटना के बाद हुई थी। स्टेशन मास्टर पक्ष की ओर से भी पूर्व में जीआरपी कर्मियों पर मारपीट समेत अन्य आरोप लगाए गए थे।