UP News: वाराणसी में MLC की दोनों सीट बचाने के लिए मैदान में उतरी सपा, क्या है रणनीति? – INA

उत्तर प्रदेश में वाराणसी खंड की स्नातक और शिक्षक विधान परिषद सीटों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. दोनों सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है. पार्टी ने इसकी जिम्मेदारी सांसद वीरेंद्र सिंह को सौंपी है. वीरेंद्र सिंह जिला और महानगर संगठन के नेताओं के साथ दोनों उम्मीदवारों को लेकर डोर-टू-डोर कैंपेनिंग कर रहे हैं.
वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी दोनों सीटों पर जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद चुनाव प्रचार के मैदान में उतरकर शिक्षकों और प्रबुद्ध वर्ग के बीच सरकार का पक्ष रख रहे हैं. वाराणसी खंड की दोनों सीटों पर इस बार भी BJP और सपा के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है. हालांकि, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय उम्मीदवार सुनील सिंह यादव की मौजूदगी ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.
दोनों सीटों पर पुराने प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने
वाराणसी खंड की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर प्रमुख मुकाबला उन्हीं दलों के बीच है, जिनके उम्मीदवार पिछले चुनाव में भी आमने-सामने थे. दोनों सीटों पर पिछले चुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी. इस बार BJP इन सीटों को वापस हासिल करने की कोशिश में है, जबकि सपा के सामने अपने पुराने प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती है.
पिछले चुनाव में सपा ने कैसे दर्ज की थी जीत?
पिछले वाराणसी स्नातक MLC चुनाव में सपा के आशुतोष सिन्हा ने BJP के केदारनाथ सिंह को 3,850 मतों से हराया था. आशुतोष सिन्हा को 26,535 वोट मिले थे, जबकि केदारनाथ सिंह के खाते में 22,685 वोट आए थे. चुनाव में कुल 76,086 वैध मत पड़े थे.
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के लाल बिहारी यादव ने BJP के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को 936 वोटों से हराया था. लाल बिहारी यादव को 7,766 वोट मिले थे, जबकि प्रमोद कुमार मिश्रा को 6,830 वोट हासिल हुए थे. इस चुनाव में लगातार दो बार MLC रहे BJP के चेतनारायण सिंह 4,858 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
CM योगी ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन के जरिए BJP के चुनाव प्रचार को धार दी. पार्टी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में पूर्वांचल के आठ जिलों से 10 हजार से अधिक शिक्षकों और प्रबुद्धजनों के शामिल होने का दावा किया गया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान सपा के शासनकाल पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के समय शिक्षा व्यवस्था में अराजकता थी और भर्तियों में पक्षपात होता था.
CM योगी ने कथित ‘सिपाही सिंडिकेट’ का जिक्र करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कर्मचारियों और शिक्षकों के न्यू पेंशन स्कीम खातों में कोई पैसा जमा नहीं किया था. योगी ने शिक्षकों को सरकार की ओर से दी गई सुविधाओं और फैसलों की भी याद दिलाई. इसमें कैशलेस चिकित्सा सुविधा, शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी और शिक्षक भर्ती से जुड़े कदम शामिल रहे.
दोनों सीट बचाने के लिए सपा का डोर-टू-डोर अभियान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रचार में उतरने के बाद सपा ने भी अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं. पार्टी ने दोनों सीटों को बचाने की जिम्मेदारी सांसद वीरेंद्र सिंह को दी है. वह जिला और महानगर संगठन के पदाधिकारियों तथा दोनों प्रत्याशियों के साथ मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं. सपा अपने प्रचार में पुरानी पेंशन योजना (OPS), पेपर लीक, सरकारी नौकरियों में कमी और भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठा रही है.
इसके साथ ही पार्टी PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के सामाजिक समीकरण को भी अपने प्रचार का हिस्सा बना रही है. 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण की अनदेखी का मामला भी सपा प्रमुखता से उठा रही है. पार्टी की कोशिश है कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच भर्ती, आरक्षण और पुरानी पेंशन जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा जाए.
एयर शो को लेकर BJP पर सपा का आरोप
चुनावी प्रचार के बीच सपा ने BJP पर सरकारी गतिविधियों के जरिए चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जब प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू है, तो ऐसे समय में एयर शो कराने का क्या औचित्य है? उनका आरोप है कि सरकार इस आयोजन के जरिए BJP को फायदा पहुंचाना चाहती है.
वीरेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि BJP ने सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनील यादव को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरवाया है. उन्होंने अधिकारियों की तैनाती को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. सपा सांसद ने कहा कि सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी है और BJP चाहे जितनी कोशिश कर ले, दोनों सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ेगा.
BJP के लिए प्रतिष्ठा, सपा के सामने सीट बचाने की चुनौती
वाराणसी खंड की दोनों MLC सीटों का चुनाव इस बार BJP और सपा के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है. BJP के सामने पिछली हार के बाद दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने की चुनौती है. इसके लिए पार्टी संगठन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सक्रिय हैं. दूसरी ओर, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पार्टी अपने मौजूदा विधायकों नहीं, बल्कि विधान परिषद की इन दोनों सीटों पर अपने प्रतिनिधित्व को बचाने के लिए शिक्षक और स्नातक मतदाताओं तक पहुंच रही है.
वाराणसी में MLC की दोनों सीट बचाने के लिए मैदान में उतरी सपा, क्या है रणनीति?
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,