UP News: चबूतरे के पास चाचा को, घर के बाहर पिता और सीढ़ी पर बेटे… लखनऊ में आरोपी ऋषभ शुक्ला ने तीनों को कैसे किया शूट? – INA

Lucknow Triple Murder: राजधानी लखनऊ में चबूतरे के पास गाड़ी खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद तीन लोगों की हत्या तक पहुंच गया. सोमवार सुबह पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने एक ही परिवार के तीन लोगों को गोली मार दी. मृतकों में पिता, उनके छोटे भाई और बेटा शामिल है. वारदात में पिता और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल छोटे भाई ने ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया. बताया जा रहा कि दोनों परिवारों के बीच करीब डेढ़ महीने से विवाद चल रहा था. मामला पहले थाने तक भी पहुंचा था, लेकिन सोमवार को मामूली बात पर फिर विवाद हुआ और देखते ही देखते तीन लोगों की जान चली गई…
चबूतरे के पास गाड़ी खड़ी करने पर विवाद
घटना सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता की है. मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी (62), उनके छोटे भाई शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी (57) और बेटे सुयश तिवारी (30) के रूप में हुई. शिवाजी तिवारी बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी और RSS के पूर्व जिला सर कार्यवाह थे. उनके छोटे भाई शंभू लखनऊ विश्वविद्यालय में कर्मचारी थे, जबकि सुयश इलेक्ट्रिक सामान का कारोबार करता था.
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, तिवारी परिवार और उनके पड़ोसी ऋषभ शुक्ला के बीच घर के सामने बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनाने को लेकर विवाद था. इसी जगह पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर भी दोनों पक्षों में कहासुनी होती रहती थी. करीब डेढ़ महीने पहले यह मामला थाने पहुंचा था. इसके बाद चबूतरा बनाने का काम रोक दिया गया था. बताया जा रहा कि आरोपी ऋषभ शुक्ला ने अपने घर के सामने खाली जगह पर ‘नो पार्किंग’ भी लिखवा रखा था. सोमवार सुबह शंभू तिवारी ने बरगद के पेड़ के नीचे अपनी गाड़ी खड़ी कर दी. इसी बात को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया.
चाचा शंभू से हुई बहस, चबूतरे के पास ही मारी गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 10 बजे सबसे पहले शंभू तिवारी घर से बाहर निकले. गाड़ी खड़ी करने को लेकर उनकी पड़ोसी ऋषभ शुक्ला से बहस होने लगी. विवाद बढ़ने पर ऋषभ ने चबूतरे के पास ही शंभू को गोली मार दी. गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े. शंभू को गोली मारे जाने के बाद हालात और बिगड़ गए.
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आवाज सुनकर उनके बड़े भाई शिवाजी तिवारी भी घर से बाहर आ गए. उन्होंने सामने का घटनाक्रम देखा, लेकिन इससे पहले कि स्थिति संभल पाती, आरोपी ने उन्हें भी निशाना बना लिया. ऋषभ ने शिवाजी तिवारी पर भी गोली चला दी. गोली लगने से वह मौके पर ही गिर पड़े. घर के बाहर गोली चलने की आवाज सुनकर शिवाजी तिवारी का बेटा सुयश तिवारी भी बाहर आया. उसे अंदाजा नहीं था कि विवाद इतना बढ़ चुका है कि उसके पिता और चाचा को गोली मारी जा चुकी है. सुयश घर के पास सीढ़ियों की तरफ पहुंचा, तभी आरोपी ने उसे भी गोली मार दी. गोली लगने से सुयश की मौके पर ही मौत हो गई.
चाचा शंभू को चबूतरे के पास हुए विवाद के दौरान गोली मारी गई, पिता शिवाजी तिवारी घर से बाहर आने पर आरोपी की गोली का शिकार बने और बेटा सुयश घर के पास सीढ़ियों पर मारा गया. वारदात के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई. दिनदहाड़े हुई इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शंभू तिवारी को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
5 दिसंबर को होनी थी सुयश की शादी
इस घटना ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. सुयश तिवारी की शादी 5 दिसंबर को होनी थी. घर में शादी की तैयारियों के बीच परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जिस घर में कुछ समय बाद शादी की शहनाइयां बजनी थीं, वहां अब मातम पसरा है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अफसर रह चुका है, लेकिन उसे नौकरी से निकाल दिया गया था.
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों की निगरानी में पुलिस की टीमें मामले से जुड़े तथ्यों और गवाहों की जानकारी जुटा रही हैं. तीन लोगों की हत्या के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. घटनास्थल पर करीब 50 से 60 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. दोनों परिवारों के घरों के सामने भी पुलिस बल लगाया गया है.
चबूतरे के पास चाचा को, घर के बाहर पिता और सीढ़ी पर बेटे… लखनऊ में आरोपी ऋषभ शुक्ला ने तीनों को कैसे किया शूट?
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