UP News: प्रयागराज: SRN हॉस्पिटल में डॉक्टर-वकील के बीच मारपीट के बाद बवाल, अधिवक्ताओं ने जाम की सड़क; 5 घंटे से इमरजेंसी ठप – INA

संगम नगरी प्रयागराज के स्वरुप रानी नेहरू अस्पताल में सोमवार को बड़ा बवाल हो गया. इस अस्पताल में मेडिसीन विभाग के सीनियर कंसलटेंट डॉ. विभू रंजन मिश्रा के साथ वकीलों ने मारपीट की, इसके जवाब में अस्पताल के डॉक्टरों ने हड़ताल करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया. यहां तक कि इमरजेंसी सेवा भी ठप कर दी. इससे अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक एक वकील के साथ मारपीट के विरोध में वकीलों का एक समूह सड़क जाम कर रहे विरोध प्रदर्शन कर रहा था. इसी दौरान एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर विभू रंजन मिश्रा वहां पहुंचे और वकीलों की भीड़ में उनकी गाड़ी फंस गई. इस दौरान उनकी किसी बात पर वकीलों से बहस भी हो गई. बताया जा रहा है कि आक्रोशित वकीलों ने उन्हें गाड़ी से बाहर खींच लिया और बेरहमी से पिटाई कर दी. इस वारदात में गंभीर रूप से घायल डॉ. विभू को एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है.
डॉक्टरों ने बंद किया इलाज
यह खबर मिलते ही एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ भी आक्रोश में आ गए. आनन फानन में अस्पताल में इलाज बंद कर दिया और वह भी प्रदर्शन करने लगे. यहां तक कि इमरजेंसी सेवा भी ठप कर दी. इससे अस्पताल में अफरा तफरी की स्थिति बन गई. खासतौर पर अस्पताल में भर्ती गंभीर श्रेणी के मरीजों का इलाज प्रभावित होने लगा. हालात को देखते पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने डॉक्टरों से बातचीत शुरू कर दी है.
डॉक्टर के साथ हुआ क्या था?
एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती डॉ. विभु रंजन मिश्र के मुताबिक सड़क पर जाम लगा हुआ था. ऐसे में उन्होंने वहां मौजूद लोगों से हाल जानने की कोशिश की. इतनी सी बात पर वकील नाराज हो गए और उन्हें घेर लिया. देखते ही देखते वकीलों ने उन्हें गाड़ी में खींचकर पिटाई शुरू कर दी.
प्रयागराज: SRN हॉस्पिटल में डॉक्टर-वकील के बीच मारपीट के बाद बवाल, अधिवक्ताओं ने जाम की सड़क; 5 घंटे से इमरजेंसी ठप
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,