UP News: Ayodhya Deepotsav: अयोध्या दीपोत्सव में बनेगा नया रिकॉर्ड, सरयू तट पर एक साथ 2100 लोग करेंगे महाआरती – INA

Ayodhya Deepotsav 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने में जुटी है. इसी कड़ी में दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर होने वाली सामूहिक आरती को इस बार और भव्य रूप दिया जा रहा है. आयोजन में अलग-अलग समुदायों के लोग शामिल होंगे. सभी प्रतिभागी एक जैसी वेशभूषा में एक साथ लयबद्ध तरीके से मां सरयू की आरती करेंगे. आयोजकों का दावा है कि इस बार 2100 से अधिक लोगों की सहभागिता से नया कीर्तिमान स्थापित होगा.

2100 से अधिक लोग एक साथ करेंगे सरयू आरती

7 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सरयू घाट पर सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए घाट पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं. आरती में शामिल होने वाले लोगों को निर्धारित क्रम और तरीके से अभ्यास कराया जा रहा है. सभी प्रतिभागी एक जैसी वेशभूषा में दीप और आरती की थाल लेकर मां सरयू की आराधना करेंगे.

वहीं एक साथ इतने लोगों के मंत्रोच्चार और आरती करने से सरयू तट का नजारा बेहद खास होने की उम्मीद है. अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को अयोध्या की परंपराओं और संस्कृति से जोड़ना भी है.

ये भी पढे़ं- Ayodhya Deepotsav 2026: 1.87 लाख से 30 लाख दीयों तक पहुंचा दीपोत्सव, अयोध्या में 10वें आयोजन की तैयारी तेज

दलित और निषाद समाज की महिलाएं भी होंगी शामिल

इस बार सामूहिक सरयू आरती में दलित और निषाद समाज की महिलाओं की भी भागीदारी होगी. इसके अलावा समाजसेवी महिलाएं, संस्कृतिकर्मी और संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी भी आयोजन का हिस्सा बनेंगे. महापौर ने बताया कि सभी समुदायों की महिलाओं को इस आयोजन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इसका मकसद उन्हें अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना और इसके संरक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है.

उन्होंने कहा कि जब अलग-अलग समुदायों की महिलाएं एक जैसी वेशभूषा में एक साथ आरती करती हैं तो सरयू तट का दृश्य बेहद आकर्षक हो जाता है. मां सरयू अयोध्या की धार्मिक और भौगोलिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. मान्यता है कि उनका संबंध भगवान श्रीराम के समय से रहा है.

700 से अधिक बटुक कर रहे आरती का अभ्यास

सामूहिक महाआरती में संस्कृत विद्यालयों के 700 से अधिक बटुक शामिल होंगे. श्री निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय के गुरु राजेश शुक्ला ने बताया कि बटुकों को नियमित रूप से आरती का अभ्यास कराया जा रहा है. सभी विद्यार्थी एक निश्चित क्रम में मंत्रोच्चार और आरती करेंगे, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो. बटुक प्रवीण मिश्रा का कहना है कि योगी सरकार के प्रयासों से अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया में नई पहचान मिल रही है. दीपोत्सव जैसे आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

दीपोत्सव में सरयू आरती बनेगी बड़ा आकर्षण

अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान लाखों दीपों से घाटों को रोशन करने के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं. इस बार 2100 से अधिक लोगों की सामूहिक सरयू आरती उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनने जा रही है. इसमें महिलाओं, बटुकों और अलग-अलग सामाजिक वर्गों की भागीदारी अयोध्या की सांस्कृतिक एकता का संदेश देगी. आयोजकों को उम्मीद है कि सामूहिक आरती का यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनेगा, बल्कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

Ayodhya Deepotsav: अयोध्या दीपोत्सव में बनेगा नया रिकॉर्ड, सरयू तट पर एक साथ 2100 लोग करेंगे महाआरती


#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button