UP News: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए बार-बार न भरें फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम – INA

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म-6 में एक से अधिक प्रविष्टियों (Multiple Entries) की समस्या को रोकने के लिए निर्वाचन विभाग ने कदम उठाया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जन सुविधा केंद्र (CSC) संचालकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश जारी किए हैं. साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि फॉर्म-6 जमा होने के बाद रेफरेंस नंबर न मिलने पर दोबारा आवेदन करने से बचें.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, ऑनलाइन माध्यम से स्वयं या जन सुविधा केंद्र के जरिए फॉर्म-6 भरने के दौरान कई बार मोबाइल पर रेफरेंस नंबर का संदेश नहीं पहुंचता. ऐसे में आवेदक आवेदन जमा होने की पुष्टि किए बिना दोबारा फॉर्म भर देते हैं. इससे मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम की एक से अधिक प्रविष्टियां होने की समस्या सामने आ रही है.

ई-साइन के बाद ही होगा फॉर्म-6 का अंतिम सबमिशन

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-6 का अंतिम सबमिशन ई-साइन के बाद ही होता है. आवेदक के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होता है. ओटीपी दर्ज करने के बाद ई-साइन सफल होने पर आवेदन का रेफरेंस नंबर जनरेट होता है और आवेदन जमा होने की पुष्टि स्क्रीन पर दिखाई देती है.

यदि मोबाइल पर रेफरेंस नंबर का संदेश नहीं मिलता है, तो आवेदक या CSC संचालक को स्क्रीन पर प्रदर्शित रेफरेंस नंबर नोट करना चाहिए अथवा उसका स्क्रीनशॉट लेकर आवेदक को उपलब्ध कराना चाहिए. इससे दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आवेदन की स्थिति भी ट्रैक की जा सकेगी.

CSC संचालक अपना मोबाइल नंबर न भरें

निर्वाचन विभाग ने जन सुविधा केंद्र संचालकों को निर्देश दिया है कि फॉर्म-6 में आवेदक का वास्तविक और सक्रिय मोबाइल नंबर ही दर्ज किया जाए. संचालक अपना मोबाइल नंबर या काल्पनिक नंबर दर्ज न करें. फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर ही आवेदन जमा होने का संदेश और रेफरेंस नंबर भेजा जाता है. इसी नंबर के माध्यम से आवेदन की स्थिति जानने, अतिरिक्त दस्तावेजों की सूचना प्राप्त करने और e-EPIC डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

गलत पिन कोड से वापस लौट सकता है वोटर आईडी

निर्वाचन विभाग ने मतदाता पहचान पत्र की समय पर डिलीवरी के लिए फॉर्म-6 में पूरा पता और सही पिन कोड भरने पर भी जोर दिया है. मतदाता पहचान पत्र डाक विभाग के जरिए स्पीड पोस्ट से भेजा जाता है. पता अधूरा या पिन कोड गलत होने पर कार्ड वापस लौट सकता है.

विभाग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और बूथ लेवल अधिकारी भी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी आवेदक के नाम की एक से अधिक प्रविष्टियां न हों.

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए बार-बार न भरें फॉर्म-6, चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम


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