दिल्ली में 3डी-प्रिंटेड इम्प्लांट से युवक को मिला नया कूल्हा:हादसे के बाद हड्डी जर्जर-गंभीर संक्रमण हुआ; 22 महीने में झेली 10 सर्जरी- INA NEWS

राजधानी दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार एक 28 वर्षीय युवक के कूल्हे का विशेष 3डी-प्रिंटेड टाइटेनियम इम्प्लांट की मदद से अत्यंत जटिल रिवीजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया गया। गंभीर सड़क हादसे का शिकार हुए इस मरीज की पिछले 22 महीनों में 10 सर्जरी हो चुकी थीं। वह लगातार पुरानी संक्रमण (क्रोनिक इन्फेक्शन) पस के रिसाव और भारी हड्डी क्षति से जूझ रहा था, जिससे उसका हिप जॉइंट पूरी तरह नष्ट हो चुका था। जॉइंट रिप्लेसमेंट कंसल्टेंट डॉ निपुण राणा के नेतृत्व में डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया। सबसे पहले रैपिड डायग्नोस्टिक बायोफायर जॉइंट इन्फेक्शन पैनल, तकनीक से संक्रमण की सटीक पहचान कर उसे नियंत्रित किया गया। इसके बाद सीटी आधारित 3डी रिकंस्ट्रक्शन सॉफ्टवेयर की मदद से मरीज की अनूठी शारीरिक संरचना के अनुसार विशेष टाइटेनियम इम्प्लांट तैयार किया गया। मरीज का हिप पूरी तरह स्थिर है और वह चलने-फिरने लगा है: डॉक्टर डॉक्टरों के मुताबिक, जहां पारंपरिक इम्प्लांट फेल हो जाते हैं, वहां इस अत्याधुनिक तकनीक ने सटीक फिटिंग और हिप बायोमैकेनिक्स की बहाली को संभव बनाया। यह मरीज की 11वीं सर्जरी थी जो करीब 6 घंटे चली। अब मरीज का हिप पूरी तरह स्थिर है और वह चलने-फिरने लगा है। डॉक्टरों ने बताया, ऐसे जटिल मामलों में सफलता केवल जोड़ बदलने में नहीं, बल्कि संक्रमण को जड़ से समझने और सूक्ष्म योजना बनाने में है। 3डी-प्रिंटेड इम्प्लांट हमें वहां पुनर्निर्माण की ताकत देते हैं जहां पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां नाकाम हो जाती हैं। यह ऑर्थोपेडिक नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।

Source link
यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

Back to top button