बड़ी खबर: DM के प्रेस नोट पर उठे सवाल, ‘गृहमंत्री कार्यक्रम समीक्षा’ वाला दावा बताया जा रहा भ्रामक

देहरादून/भगवानपुर। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा भगवानपुर स्थित आंगनबाड़ी सप्लाई के सेंट्रल गोदाम में की गई छापेमारी को लेकर जारी प्रेस नोट अब सवालों के घेरे में आ गया है। प्रेस नोट में कहा गया है कि जिलाधिकारी मा. गृहमंत्री के कार्यक्रम की समीक्षा से लौटते समय गोदाम का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे, लेकिन सूत्रों और स्थानीय जानकारी के मुताबिक यह दावा सही नहीं बताया जा रहा।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी सीधे गोदाम पर छापेमारी के लिए पहुंचे थे और यह कार्रवाई आंगनबाड़ी केंद्रों को सप्लाई हो रही सामग्री की जांच के लिए की गई थी। ऐसे में प्रेस नोट में यह उल्लेख करना कि वे गृहमंत्री के कार्यक्रम की समीक्षा से लौटते समय वहां पहुंचे, कई लोगों को भ्रामक लग रहा है।
सूत्रों का कहना है कि जिस कार्यक्रम का जिक्र किया गया है, वह अमित शाह के प्रस्तावित दौरे की समीक्षा से जुड़ा बताया गया है। लेकिन स्थानीय प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि छापेमारी का उस समीक्षा बैठक से सीधा संबंध नहीं था।
इसी को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रेस नोट में इस तरह का उल्लेख क्यों किया गया। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि इससे कार्रवाई के वास्तविक उद्देश्य को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है।
गौरतलब है कि इस छापेमारी के दौरान गोदाम से आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजी जा रही सामग्री—जैसे अंडे, खजूर और केले—के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लेकिन प्रेस नोट की जानकारी और वास्तविक घटनाक्रम में अंतर को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।





