सीजी- Exclusive: छत्तीसगढ़ का ‘चमत्कारिक दिव्य दरबार’! क्या है इस धाम का असली रहस्य? प्रेमा साई महाराज ने खोला राज – INA

Maa Matangi Divya Dham, Prema Sai Maharaj:छत्तीसगढ़ में धमतरी जिले के कुरुद तहसील के जी-जामगांव स्थित मां मातंगी  दिव्य धाम में देश के कई राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यहां विदेशों से भी भक्त आते हैं। यहां पर आने वाले श्रद्धालु और भक्त मन्नत पूरी होने पर दीवार घड़ी, ताले, जंजीर, घंटी और मेडिकल रिपोर्ट चढ़ाते हैं। लोगों का मानना है और उनकी आस्था- श्रद्धा है कि यहां पर चमत्कार होता है। अस्थमा समेत कई असाध्य बीमारियां ठीक हो जाती हैं। इसी तरह के तमाम मुद्दों को लेकर अमर उजाला ने मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर प्रेमा साई महाराज से खास बातचीत की। 

सवाल: इस मातंगी धाम में ताला, घंटी, जंजीर, नारियल और मेडिकल रिपोर्ट चढ़ाते हैं, इसे क्यों बांधा जाता है?

जवाब: बाहर जो नारियल बंधे हुए हैं, वह अर्जी के नारियल हैं। यहां पर जो श्रद्धालु आते हैं। वह अपनी मनोकामना के लिए मन्नत मांगते हैं। उनका दुख-दर्द दूर हो जाए, उनका पर्चा जल्दी से लग जाए, इसलिए लोग अर्जी बांधते हैं। जिसका समय खराब चल रहा हो, जीवन में संघर्ष हो, असफल हो रहे हो, नौकरी नहीं मिल रही है, पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है, व्यापार में असफल हो रहे हैं, घर में कलह और क्लेश है, पारिवारिक संबंध बिगड़ रहे हैं। ऐसी स्थितियों से उबरने के लिए लोग मंत्र लेकर घड़ी बांधते हैं। घड़ी बांधने के चार-पांच घंटे बाद ही या तो समय . हो जाएगा या पीछे हो जाएगा या घड़ी रुक जाएगी। यदि समय पीछे हो गया तो इसका अर्थ है कि आपका समय बदलेगा। यदि घड़ी . है, तो बहुत जल्द आपका समय बदलेगा।  यदि घड़ी रुक गई है तो समझिए आपका पूरा समय थम गया है। अच्छा समय शुरू होगा। इसी तरह घंटी, नारियल और मेडिकल रिपोर्ट की भी मान्यता है। 

सवाल: मां मातंगी कौन हैं?

जवाब: मां पार्वती ने दस महाविद्या की रूप धारण की थीं। प्रथम महाविद्या काली माता हैं, जिसे सब जानते हैं। इसी तरह भुवनेश्वरी, त्रिपुर सुंदरी, तारा देवी, छिंदमस्ता, बगुलामुखी, भैरवी आदि देवियां हैं। नवम महाविद्या मां मातंगी देवी हैं। उनके स्वरूप को पूरा करने के लिए शिव जी ने मातंग का रूप धारण किया था। उनकी अधूरी शक्ति को पूरा किया था, उनसे दीक्षा प्राप्त की थी। क्योंकि मां तांत्रिक सरस्वती भी हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये कुलदेवी भी हैं। गुजरात में मोढेश्वरी देवी का मंदिर है। वहां पर अक्सर प्रधानमंत्री मोदी जाते रहते हैं। यह उनकी कुलदेवी हैं।


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सवाल: ऐसी चर्चा है कि यहां आने पर बीमारियां ठीक हो जाती हैं, इसके पीछे का क्या रहस्य है?

जवाब: यहां ऐसे लोग ठीक हो जाते हैं, जिनको डॉक्टर कह देता है कि अब वो बच नहीं पायेगा। एक दो महीने में निधन हो जायेगा। ऐसे में मरीज यहां आते हैं। जिन्हें तमाम तरह की बीमारियां हैं। बचने की उम्मीद कम है। असाध्य रोग है। ऐसे लोगों को यहां पर मुक्ति मिलती है। यह सब मां मातंगी की कृपा है। हम तो एक माध्यम हैं। हम लोगों की अर्जी को माता के सामने रखते हैं, जिसे वो स्वीकार कर लोगों के दुख, दर्द को दूर करती हैं।

सवाल: हर देवी का अपना व्रत है पर मां मातंगी का व्रत क्यों नहीं रखा जाता है?

जवाब: जिस तरह से भगवान हनुमान जी के बारे में कहा जाता है। चारों जुग प्रताप तुम्हारा। हनुमान जी का प्रभाव है, लेकिन कलयुग में बजरंग बली से भी अगर जल्दी कोई सुनने वाली देवी हैं, तो वह मातंगी हैं। वह प्रकृति की भी देवी हैं। हम सब उनसे मन से जुड़े हुए हैं। वो इतनी दयालु हैं, ममतामयी है कि उनके पूजा-अनुष्ठान में व्रत का स्थान नहीं है। वह अपने भक्तों को भूखा नहीं देख सकती, इसलिए उनके पूजा और अनुष्ठान में व्रत का कोई स्थान नहीं है।


Credit By Amar Ujala

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