Crime- वाराणसी: फर्जी डिग्री से 4 साल चलाया अस्पताल, डॉ. जितेंद्र की प्रैक्टिस बंद; रिकॉर्ड न होने से उठे सवाल -#INA

फर्जी डिग्री के जरिये मरीजों का इलाज करने वाले डॉ. जितेंद्र चक्रवाल की प्रैक्टिस पर शासन ने तत्काल रोक लगा दी है। प्रदेश स्तर पर आयुर्वेदिक, यूनानी तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड द्वारा 19 फर्जी डॉक्टरों का पंजीयन रद किए जाने के बाद, इसमें शिवदासपुर निवासी डॉ. जितेंद्र चक्रवाल का नाम भी शामिल पाया गया है। आयुर्वेद निदेशालय ने उनके किसी भी प्रकार के चिकित्सीय परामर्श और इलाज करने पर पूर्ण रोक लगा दी है।




इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि स्थानीय क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी के पास आरोपी का कोई प्राथमिक आधिकारिक रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं है। जांच के अनुसार, आरोपी पिछले चार वर्षों से बाकायदा एक अस्पताल खोलकर मरीजों का उपचार कर रहा था और उन्हें दवाइयां दे रहा था। यह पूरा अस्पताल और चिकित्सीय कार्य फर्जी डिग्री के आधार पर हासिल किए गए पंजीकरण के सहारे बेरोकटोक संचालित किया जा रहा था। बोर्ड द्वारा कराए गए अंतरराज्यीय सत्यापन में जब संबंधित संस्थान ने डिग्री को फर्जी करार दिया, तब जाकर इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।

Credit By Amar Ujala

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