खबर शहर , UP: वरदान समझकर जिसे उगाया, वही बन गया ‘रक्तबीज’; यमुना और चंबल के बीहड़ में जानें कैसे उगे विलायती बबूल – INA


यमुना और चंबल नदी के बीहड़ में टीलों पर हरियाली के लिए पांच दशक पहले विलायती बबूल (प्रोसोपिस जूलिफ्लोरा) के बीज डाले गए, वही अब पौधों की देसी प्रजातियों के लिए खतरा बन गया है। मथुरा के पौराणिक 36 वनों को मूल रूप में लाने की योजना के बाद आगरा में सूर सरोवर पक्षी विहार से विलायती बबूल को हटाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य की याचिका पर सोमवार को इस मामले में सुनवाई की जाएगी। पहले यह शुक्रवार को होनी थी, लेकिन इसे अन्य मामलों के कारण सोमवार के लिए टाल दिया गया।