माली के रक्षामंत्री सादियो की बम धमाके में मौत:कल घर पर सुसाइड कार से हमला हुआ; जिहादी और विद्रोही संगठन ने मिलकर अंजाम दिया- INA NEWS

माली के रक्षा मंत्री सादियो कामारा की बम धमाके में मौत हो गई। शनिवार को राजधानी बमाको के पास काटी शहर में उनके घर पर आत्मघाती कार से हमला किया गया। काटी सेना का मजबूत गढ़ माना जाता है, जो राजधानी बमाको से करीब 15 किमी दूर है। वहीं इस बड़े हमले को अंजाम दिया गया। हमले के पीछे अल-कायदा से जुड़ा जिहादी संगठन JNIM और तुआरेग विद्रोही समूह FLA का गठजोड़ बताया जा रहा है। दोनों संगठनों ने मिलकर यह हमला किया। इस हमले के साथ ही देश के कई हिस्सों में भी हिंसा भड़क गई। बमाको, गाओ, किदाल और सेवरे समेत कई शहरों में गोलीबारी और धमाकों की खबरें सामने आई हैं। काटी जैसे सुरक्षित सैन्य इलाके में इस तरह का हमला होना माली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सादियो कामारा सैन्य सरकार के प्रमुख नेताओं में थे और उनकी मौत को सरकार और सेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। माली में हिंसा से जुड़ा वीडियो… माली के सेना में अधिकारी रह चुके थे रक्षामंत्री सादियो रक्षा मंत्री सादियो कामारा माली की सैन्य सरकार के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। वे पेशे से सैन्य अधिकारी थे और लंबे समय तक सेना में सेवा देने के बाद शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। 2020 और 2021 में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद उनका कद तेजी से बढ़ा और वे सत्ता के केंद्र में आ गए। रक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने माली की सुरक्षा नीति तय करने में अहम भूमिका निभाई। कामारा को माली और रूस के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों का प्रमुख सूत्रधार माना जाता था। उनके कार्यकाल में माली ने फ्रांस और पश्चिमी देशों से दूरी बनाकर रूस के साथ सहयोग बढ़ाया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वे केवल रक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि सैन्य शासन के सबसे ताकतवर चेहरों में शामिल थे। विद्रोही संगठन FLA का दावा- किदाल शहर पर कब्जे किया तुआरेग विद्रोही संगठन FLA ने उत्तरी शहर किदाल पर कब्जा करने का दावा किया है। FLA का कहना है कि किदाल अब पूरी तरह उनके नियंत्रण में है। हालांकि माली की सेना ने कहा है कि किदाल समेत कई इलाकों में अभी भी ऑपरेशन जारी हैं और हमलावरों को खदेड़ा जा रहा है। विद्रोहियों ने यह भी दावा किया है कि एक समझौते के तहत माली सेना और उसके रूसी सहयोगियों को शहर छोड़ने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किदाल को माली का रणनीतिक रूप से बेहद अहम शहर माना जाता है। यह लंबे समय तक तुआरेग विद्रोहियों का गढ़ रहा है, जिसे माली सेना ने नवंबर 2023 में रूस के समर्थन से दोबारा अपने कब्जे में लिया था।

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यह पोस्ट सबसे पहले भस्कर डॉट कोम पर प्रकाशित हुआ हमने भस्कर डॉट कोम के सोंजन्य से आरएसएस फीड से इसको रिपब्लिश करा है |

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