MP News: नौकरी करो या FIR वापस लो! जबलपुर में महिला नर्स ने पिया जहर, लगाए आरोप- ‘रानी मैडम कर रहीं टॉर्चर…’ – INA

मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एकलव्य आवासीय विद्यालय में पदस्थ महिला स्टाफ नर्स जागृति इनवाती ने कैमरे के सामने कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की. घटना से पहले उन्होंने वीडियो बनाकर प्राचार्य अविनाश रानी शर्मा पर प्रताड़ना के आरोप लगाए. उन्हें तत्काल इलाज के लिए जबलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
जान देने की कोशिश से पहले आदिवासी महिला स्टाफ नर्स जागृति इनवाती ने खुद का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में उन्होंने एकलव्य आवासीय विद्यालय की प्राचार्या अविनाश रानी शर्मा सहित दो अन्य लोगों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. जागृति का आरोप है कि उनसे जबरन पूर्व में की गई शिकायतें वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था और नौकरी जाने की धमकी दी जा रही थी.
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक तूल भी पकड़ता नजर आ रहा है. कांग्रेस नेता और विधायक विक्रांत भूरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने आदिवासी महिला कर्मचारी के साथ कथित उत्पीड़न को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
जबलपुर में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात है महिला
बताया जा रहा है कि जागृति इनवाती एकलव्य आवासीय विद्यालय, जबलपुर में स्टाफ नर्स के पद पर पदस्थ हैं. इससे पहले भी उन्होंने विद्यालय की प्राचार्या के खिलाफ पुलिस और संबंधित विभाग में अनियमितताओं और प्रताड़ना को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं. अपने वीडियो बयान में जागृति ने कहा है कि इन शिकायतों को वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी थीं.
1 मिनट 29 सेकेंड के वीडियो में युवती यह कहते हुए नजर आ रही है कि, ‘हैलो, मैं जागृति इनवाती, स्टाफ नर्स, एकलव्य विद्यालय में जॉब करती थी. अविनाश रानी मैडम मुझे बहुत ज्यादा परेशान करती हैं. मैंने कई जगह एफआईआर भी कराई है. रानी मैडम का ऑप्शन यह था कि या तो नौकरी करो या एफआईआर वापस ले लो. इन दो ऑप्शन में रखकर वे मुझे परेशान कर रही हैं. करीब डेढ़ साल हो गया है, वे मुझे लगातार परेशान कर रही हैं. इसी कारण मैं सुसाइड करने जा रही हूं. रानी मैडम अविनाश रानी और अमित कुशवाहा, और उनके साथ आई एक गार्ड भी मुझे परेशान कर रही थी। आज जब मैं परिसर गई तो मुझे भगा रही थी. मैं यहां बैठी हूं, सुसाइड करने आई हूं. अगर मुझे कुछ होता है तो अविनाश रानी को जिम्मेदार ठहराया जाए, उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मैं उनसे बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी हूँ, इसलिए यहां आई हूं’
‘महिला 15 दिन पहले एक आवेदन लेकर आई थी’
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच अधिकारी मनोज त्रिपाठी के अनुसार, संबंधित महिला करीब पंद्रह दिन पहले एक आवेदन लेकर आई थीं, जिसमें उन्होंने एकलव्य विद्यालय में नर्स के पद पर कार्यरत रहते हुए उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. उस आवेदन की जांच पहले से चल रही थी. गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे वे थाने पहुंचीं और बताया कि उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तुरंत विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया. बाद में वे अपनी इच्छा से मोहनलाल हरगोविंददास अस्पताल चली गईं, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
पुलिस का कहना है कि महिला ने मैडम रानी नामक महिला पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसकी जांच की जा रही है. दो बार विद्यालय जाकर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. अभी तक जांच में न तो कोई वीडियो फुटेज मिला है और न ही गवाहों के बयानों से जातिगत अपमान की पुष्टि हो पाई है. मामले को सीधे एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज न करने को लेकर पुलिस का कहना है कि यह प्रिंसिपल से जुड़े विवाद के कारण पेचीदा है, इसलिए तथ्यों की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी.
नायब तहसीलदार चेतराम पंड्या ने बताया कि बयान में जो तथ्य सामने आए हैं वे गोपनीय हैं और जांच पूरी होने पर ही सार्वजनिक होंगे. एकलव्य आवासीय विद्यालय में पदस्थ नर्स जागृति ने आरोप लगाया है कि स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था. उनका कहना है कि बीते चार से छह माह से वेतन नहीं दिया जा रहा था और स्कूल से भगाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे आक्रोश में आकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया. उन्होंने प्रताड़ना के लिए प्रिंसिपल अविनाश रानी और अमित कुशवाहा का नाम लिया है. जागृति सिगनी की रहने वाली बताई जा रही हैं। वेतन और प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की शिकायत को लेकर जाँच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई. निजी अस्पताल पहुंचकर नायब तहसीलदार गोरखपुर चेतराम पंड्या ने स्टाफ नर्स के बयान दर्ज किए. वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है. पुलिस का कहना है कि वीडियो, बयानों और पूर्व शिकायतों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल स्टाफ नर्स का इलाज जारी है.
नौकरी करो या FIR वापस लो! जबलपुर में महिला नर्स ने पिया जहर, लगाए आरोप- ‘रानी मैडम कर रहीं टॉर्चर…’
देश दुनियां की खबरें पाने के लिए ग्रुप से जुड़ें,
#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,







