Nation- Apeejay Saket फीस विवाद: स्कूल के बाहर AAP का हल्ला बोल, एडमिट कार्ड रोकने पर किया प्रदर्शन- #NA

आम आदमी का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली के साकेत इलाके में स्थित APEEJAY school के विरोध में सोमवार (16 फरवरी) को आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की अगुवाई में प्रदर्शन किया. इस दौरान पार्टी ने CBSE का एग्जाम देने जा रहे छात्रों का रोल नंबर रोकने का आरोप लगाया.

TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार की प्राइवेट स्कूल मालिकों से मिलीभगत सबके सामने आई. उन्होंने कहा कि कल (मंगलवार, 17 फरवरी) बोर्ड के एग्जाम हैं और APEEJAY स्कूल ने बच्चों के एडमिट कार्ड रोक कर बैठा है. उन्होंने कहा कि बच्चों को ब्लैकमेल किया जा रहा है. नेता ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद आखिर कहां हैं ?.

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि पूरी दिल्ली में ऐसे बहुत सारे स्कूल हैं जहां प्राइवेट स्कूलों ने CBSE बोर्ड के बच्चों के एडमिट कार्ड रोक रखे हैं. उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में खुल्लम खुल्ला ब्लैकमेलिंग चल रही है. अब पैरेंट्स को 20-20 लाख रुपए देने पर स्कूल मजबूर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की मिलीभगत अब सबके सामने है. उन्होंने कहा कि APEEJAY school में शिक्षा विभाग की अधिकारी बैठी हुई हैं. मंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षा विभाग सब प्राइवेट स्कूल के साथ खड़े हैं.

वहीं बीजेपी द्वारा केजरीवाल सरकार में स्कूल पर एक्शन ना लेने और NGO से सांठगांठ के आरोपों को नकारते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में स्कूल पर कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि यह स्कूल 2020 में हमारी सरकार ने सील कराया था इनकी शेख सराय ब्रांच भी AAP सरकार ने ही सील कराई थी क्योंकि उनकी गुंडागर्दी शुरू हो गई थी.

AAP नेता ने कहा कि उस समय इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अंडरटेकिंग दी थी की बड़ी हुई फीस के लिए पेरेंट्स पर दबाव नहीं डालेंगे. एक्स्ट्रा फीस वापस करेंगे. उन्होंने कहा कि अब इनकी गुंडागर्दी दोबारा से शुरू हो गई है क्योंकि सरकार के साथ उनकी मिलीभगत है. उन्होंने कहा कि जो NGO है वो अभिभावकों के लिए काम कर रही है. वो आम आदमी पार्टी की सरकार में भी काम करती थी.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री गायब है. उन्होंने कहा कि कल बोर्ड का एग्जाम है ऐसे में बच्चे पढ़ाई करेंगे या रोल नंबर के लिए 4-4 घंटे खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि बोर्ड के एग्जाम से पहले एक-एक मिनट कीमती होता है और इन्होंने एग्जाम से पहले बच्चों के रोल नंबर रोक लिए. उन्होंने कहा कि ये सरासर गुंडागर्दी है. उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता सिरसा जी की बेटी की शादी मना रही हैं और यहां पर बच्चे रोल नंबर के लिए परेशान हो रहे हैं.

वहीं प्रदर्शन में शामिल आम आदमी पार्टी के बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि दिल्ली के APEEJAY स्कूल, साकेत में बच्चों के साथ खुला अन्याय हो रहा है. उन्होंने कहा कि कल से 10वीं के बोर्ड एग्ज़ाम हैं, लेकिन बढ़ी हुई फीस के नाम पर बच्चों के एडमिट कार्ड रोक लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि उस बच्चे की हालत क्या होगी जिसका कल एग्जाम है. उनके मातापिता कितने परेशान होंगे. उन्होंने कहा कि अब सवाल सीधे दिल्ली की BJP सरकार से है. क्यों इन स्कूलों को आदेश नहीं दिया जा रहा कि बिना शर्त एडमिट कार्ड रिलीज़ किए जाएं?. उन्होंने कहा कि यह गुंडागर्दी दिल्ली में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इधर पीड़ित छात्रों के पैरेंट्स ने TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए कहा कि कल से हमारे बच्चों के बोर्ड के एग्जाम शुरू हैं. लेकिन स्कूल एडमिट कार्ड नहीं दे रहा है. ऐसे में बच्चे एग्जाम कैसे देंगे. पैरेंट्स ने कहा कि स्टूडेंट्स तनाव में हैं. इसका पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि स्कूल लाखों की फीस की मांग कर रहा है, जोकि बिना अप्रूवल के बढ़ाई गई थी.

इस बीच APEEJAY school की तरफ से बयान जारी किया गया है. स्कूल प्रबंधन का कहना है कि APEEJAY स्कूल, साकेत हमेशा से एक विधि-पालन करने वाला संस्थान रहा है, जो मानव निर्माण और राष्ट्र निर्माण के अपने व्यापक दृष्टिकोण में ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और प्रतिबद्धता के मूल्यों को कायम रखता है. हम अपने अधिकांश अभिभावकों और छात्रों के प्रति आभारी हैं जिन्होंने हाल के घटनाक्रमों के बावजूद स्कूल का साथ दिया और इसके सैद्धांतिक रुख का समर्थन किया.

बयान में कहा गया है कि वर्तमान मामला चार छात्रों की 21.29 लाख से अधिक की बकाया स्कूल फीस से संबंधित है, जिसमें से एक कक्षा बारहवीं के छात्र की फीस दो साल से और बाकी के छात्रों की फीस पांच साल से बकाया है. कक्षा दसवीं और बारहवीं के अन्य सभी 147 छात्रों के अभिभावक फीस का भुगतान कर रहे हैं. कक्षा दसवीं और बारहवीं के कुल 151 छात्रों में से केवल तीन छात्रों के अभिभावकों द्वारा उठाई गई इस तरह की बातें उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती हैं, जो स्कूल द्वारा लंबे समय से बकाया फीस का भुगतान न होने के बावजूद मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के ईमानदार प्रयासों के प्रति उनके कुछ अज्ञात स्वार्थों के कारण उत्पन्न हुई हैं.

स्कूल की तरफ से कहा गया है कि हम यह भी दोहराते हैं कि 2024 में, इसी तरह की स्थिति में, उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप किया और संबंधित अभिभावकों को प्रवेश पत्र जारी करने से पहले पूरी बकाया फीस का भुगतान करने का निर्देश दिया, जिसके बाद फीस का भुगतान किया गया और प्रवेश पत्र जारी किए गए. APEEJAY school, साकेत कानून, निष्पक्षता और स्थापित न्यायिक निर्देशों के अनुसार कार्य करना जारी रखेगा.

बयान में आगे कहा गया कि विद्यालय अपनी नीतियों को समान रूप से और बिना किसी भेदभाव के लागू करता है. साथ ही, हम आर्थिक कठिनाई के वास्तविक मामलों के प्रति संवेदनशील हैं और जहां भी आवश्यक हो, छात्रवृत्ति और सहायता प्रदान करते हैं. वास्तव में, आगामी सीबीएसई परीक्षा में बैठने वाले एक छात्र को मानवीय आधार पर प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया है क्योंकि अभिभावक ने इस पर विचार करने का अनुरोध किया था.

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