खबर शहर , Agra News: श्रीकृष्ण ने की थी बाल लीलाओं से जुड़ा है बृथला – INA

इरादतनगर। सैंया ब्लॉक के चालीसी क्षेत्र में स्थित बृथला गांव भगवान श्रीकृष्ण की बाललीलाओं से जुड़ा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां दो दिवसीय मेले का आयोजन होता है। इस दौरान आगरा सहित आसपास के क्षेत्रों और दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बृथला कुंड में स्नान करने और मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंचते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार बृथला कुंड में स्नान करने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है। जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं और कुंड में स्नान कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-स्वास्थ्य की कामना करते हैं। लीलाविलास मंदिर के महंत बाबा महंत राज गिरि के अनुसार इस स्थान का संबंध सतयुग की पौराणिक कथा से बताया जाता है। मान्यता है कि उस समय वृतासुर नामक राक्षस ने देवताओं के राजा इंद्र के सिंहासन पर कब्जा कर लिया था। राक्षस के अत्याचार से परेशान देवताओं ने महर्षि दधीचि से सहायता मांगी।

देवताओं की रक्षा के लिए महर्षि दधीचि ने अपनी अस्थियों का दान किया। उन्हीं अस्थियों से वज्र बनाया गया, जिसके माध्यम से इंद्र ने वृतासुर का वध किया। लेकिन राक्षस के वध के बाद इंद्र पर ब्रह्म हत्या का पाप लग गया। इस पाप से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने बृथला में आकर सात कुंडीय हवन यज्ञ किया। इसी के बाद यह स्थान बृथला कुंड के नाम से प्रसिद्ध होने की मान्यता है।

गांव के ब्रजमोहन शास्त्री और राकेश त्यागी बताते हैं कि बृथला कुंड का नाम लीला विलास भी है। मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद जब वे मथुरा और वृंदावन में अपनी बाल लीलाएं कर रहे थे, तब वे गुप्त रूप से यहां भी आए थे। इसी कारण इस स्थान का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से भी जोड़ा जाता है।


Credit By Amar Ujala

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