खबर शहर , Agra News: पुराने शहर में सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जे – INA

आगरा। गृह मंत्रालय के सख्त निर्देशों के बाद जिले में करोड़ों रुपये मूल्य की शत्रु संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कवायद शुरू हो सकती है। जिला प्रशासन ने सिरे से शत्रु संपत्तियों की चिह्नित और कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान शुरू करेगा।
जिले के छह तहसील क्षेत्रों में करीब 45 शत्रु संपत्तियां हैं। सदर तहसील क्षेत्र में 2442.48 वर्ग मीटर में फैली 22 ऐसी संपत्तियों को चिह्नित कर उनका भौतिक सत्यापन भी हुआ था लेकिन एक भी संपत्ति से कब्जा नहीं हटा। अब गृह मंत्रालय ने इसके लिए नीति बनाई है। ऐसे में जल्द प्रशासन इन संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराकर ई-नीलामी के जरिये या पारदर्शी तरीके से सरकारी उपयोग में ला सकता है।
लंबे समय से आगरा के विभिन्न इलाकों में स्थित इन बेशकीमती संपत्तियों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन द्वारा पांच साल पहले तैयार की गई सूची में यह बात सामने आई है कि सबसे ज्यादा कब्जे पुराने शहर में हैं। चिह्नित की गई संपत्तियां मुख्य रूप से मंसा देवी, राजा की मंडी, छमछम गली, गली असुर बेग, कोतवाली, कटरा नील और नाई की मंडी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। एडीएम प्रशासन आजाद भगत सिंह ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमें मौके पर जाकर इन संपत्तियों की वर्तमान स्थिति की जांच करेगी।
क्या है शत्रु संपत्ति
शत्रु संपत्ति वह अचल या चल संपत्ति है, जो उन लोगों की है जो भारत-पाक या भारत-चीन युद्ध के बाद पाकिस्तान या चीन चले गए और वहां की नागरिकता ले ली। इन संपत्तियों का नियंत्रण शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत किया जाता है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया इन संपत्तियों का प्रबंधन और निस्तारण करता है।