खबर शहर , Agra News: बेकाबू ट्रोला ने मजदूर को रौंदा, जाम, हंगामा – INA

आगरा। नेशनल हाईवे-19 पर एत्माद्दौला इलाके में रविवार की शाम को टायर फटने के बाद बेकाबू हुआ ट्रोला रेलिंग तोड़कर सड़क के दूसरी ओर खड़े मजदूर को रौंदकर दूसरे ट्रक से जा भिड़ा। मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही देर में मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। जाम लगाकर हंगामा किया। इससे हाईवे पर डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ट्रोला चालक की तलाश कर रही है।
नुनिहाई निवासी संजय निषाद टाटा मोटर्स में मजदूरी करते थे। वह शाम करीब 4 बजे घर से ट्रांस यमुना बाजार जाने के लिए निकले थे। हाईवे पार करने के लिए डिवाइडर के पास खड़े थे। इसी दौरान वाटर वर्क्स की ओर से आ रहे 16 चक्का ट्रोला का टायर तेज आवाज के साथ फट गया। टायर फटते ही ट्रोला अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया। रेलिंग तोड़ता हुआ ट्रक संजय को चपेट में लेकर दूसरे ट्रक से जा भिड़ा। एक अन्य राहगीर बाल-बाल बच गया। आसपास मौजूद लोगों ने मजदूर को निकाला मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर एत्माद्दौला पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ देर में परिजन भी पहुंच गए। संजय का शव देखकर पत्नी ममता बेसुध हो गईं। हादसे के बाद दोनों चालक गाड़ियां छोड़कर भाग निकले। परिजन और स्थानीय लोगों ने शव सड़क पर रखकर मुआवजे की मांग शुरू कर दी और पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से मना दिया। करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे पर जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर यातायात सुचारू कराया गया।
एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि दोनों वाहन पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। चालक की तलाश की जा रही है। परिजन की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
संजय परिवार में अकेले कमाने वाले थे। परिवार में पत्नी ममता, मां ओमवती बेटे विशाल (22), अंकुश और बेटियां तन्नू, विशाखा व साक्षी हैं। ममता ने बताया कि संजय की कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था। उनकी मौत के बाद पांच बच्चों के भविष्य और परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
शॉर्टकट के चक्कर में होते हैं हादसे
हाईवे पर रामबाग से रुनकता तक जगह-जगह लोगों ने डिवाइडर की रेलिंग की सरिया तोड़ कर निकलने का शॉर्टकट रास्ता बना रखा है। रोजाना हजारों राहगीर जान जोखिम में डालकर शॉर्टकट से निकलते हैं। गोयल हॉस्पिटल के सामने हाईवे पार करने के दौरान पहले हुए हादसों के चलते एनएचएआई ने यहां बने कट को बंद कर दिया था। इसके बावजूद पैदल राहगीर हाईवे पार करने के लिए डिवाइडर की रेलिंग को तोड़कर रास्ता बना देते हैं। लोगों ने गोयल कट और सैयद कट पर सुरक्षित पैदल रास्ते या फुटओवर ब्रिज की व्यवस्था कराने की मांग की है।