खबर शहर , गजब का हाल: किसान दिवस में बत्ती हो गई गुल, तीन घंटे तक पसीना बहाते रहे अधिकारी; इन मुद्दों पर हुई बहस – INA

आगरा के बिचपुरी कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में तीन घंटे तक बिजली गुल रहने से किसान और अधिकारी गर्मी में बेहाल रहे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ और दोपहर दो बजे तक चला। इस दौरान पूरे कार्यक्रम में बिजली आपूर्ति नहीं हुई।
किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने पिछले किसान दिवस में फतेहपुर सीकरी और अछनेरा ब्लॉक के राजस्थान सीमा से लगे गांवों में मवेशियों में फैल रहे लंपी त्वचा रोग का मुद्दा उठाए जाने का मामला रखा। उन्होंने संक्रमित पशुओं के उपचार के साथ स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में सिर्फ उनके गांव कुकथला में 51 पशुपालकों के 100 मवेशियों के टीकाकरण की जानकारी दी गई है जबकि गांव में करीब तीन दर्जन छुट्टा मवेशी भी घूम रहे हैं। इन पशुओं के टीकाकरण या अन्य विवरण की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने किसानों को समय से पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने तथा नहरों की समय से सफाई कराने की मांग रखी।
किसान नेता मुकेश पाठक और अधिकारियों के बीच एक मुद्दे को लेकर कहासुनी भी हो गई। इससे कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया। मौजूद लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। किसान नेता सोमवीर यादव, श्याम सिंह चाहर और लाखन सिंह त्यागी ने भी किसानों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। किसान दिवस में उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, एआर कॉपरेटिव सतीश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके पांडेय, सहायक निदेशक मत्स्य प्रीति मौर्या, अधिशासी अभियंता रामसेवक सिंह और जिला खाद्य विपणन अधिकारी नंद किशोर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।