Sport : सट्टेबाजी के आरोपों में घिरे मोहम्मद रिजवान, 'फिक्सिंग' मामले में लाहौर हाई कोर्ट से तगड़ा झटका, करियर पर लटकी तलवार #INA

Mohammad Rizwan: पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने हाल में 3 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए इंग्लैंड का दौरा किया था, जहां पाकिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था. वहीं दूसरे टेस्ट मैच के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया था. इस सीरीज के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को भी पाकिस्तान टीम में शामिल किया गया था, लेकिन दूसरे टेस्ट मैच के बाद मोहम्मद रिजवान समेत 7 खिलाड़ियों को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम से बाहर कर देश वापस भेज दिया था. रिजवान का फोन भी जब्त कर लिया गया था. इसके अलावा उनसे जांच एजेंसी ने भी पूछताछ की थी. पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने रिजवान पर गैरकानूनी ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और जुए में शामिल होने का आरोप लगाया है. इसके खिलाफ रिजवान ने राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई है.
लाहौर हाई कोर्ट ने खारिज की मोहम्मद रिजवान की याचिका
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं. पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने उन पर गैरकानूनी ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और जुए (Gambling) में शामिल होने का आरोप लगाया है. इसके खिलाफ रिजवान ने राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट ने आज (17 सितंबर) उनकी याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया और उन्हें जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है.
ड्रेसिंग रूम लीक और सट्टेबाजी के आरोप में फंसे रिजवान-इमाम
NCCIA के मुताबिक, मोहम्मद रिजवान और ओपनर इमाम-उल-हक पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल होने और पाकिस्तान टीम के ड्रेसिंग रूम की खुफिया जानकारियां लीक करने के गंभीर आरोप लगे हैं. इस मामले की जांच के लिए एजेंसी ने रिजवान को सवालों की एक लंबी लिस्ट सौंपी है, जिसमें उनके दौरों, बैंक खातों के लेन-देन और निजी विवरणों की जानकारी मांगी गई है. इतना ही नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड दौरे के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक सुरक्षा अधिकारी ने रिजवान का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था, जिसे अब डेटा और चैट्स की बारीकी से जांच करने के लिए NCCIA को सौंप दिया गया है.
Mohammad Rizwan accused of involvement in illegal online cricket betting and gambling by Pakistan’s Cyber Crime Investigation Agency. pic.twitter.com/8Sw2bKu9ja
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) September 17, 2026
मोहम्मद रिजवान ने इसे लेकर लाहौर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. अदालत में रिजवान की दलील थी कि उन पर लगे सभी आरोप पूरी तरह झूठे हैं. उनका यह भी कहना था कि क्रिकेट से जुड़े मामलों में जांच करने का अधिकार देश की इस साइबर एजेंसी के पास है ही नहीं. रिजवान के मुताबिक, खेल में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गड़बड़ी की जांच का जिम्मा सिर्फ और सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की एंटी-करप्शन विंग के पास होता है.
हालांकि, लाहौर हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस आलिया नीलम ने रिजवान को कोई भी राहत देने से साफ मना कर दिया. अदालत ने रिजवान के वकील पर नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि कोई भी खिलाड़ी देश के कानून और जांच एजेंसियों से ऊपर नहीं है. चीफ जस्टिस ने सख्त निर्देश दिया कि रिजवान सीधे साइबर एजेंसी के पास जाएं और उन्हें मिले नोटिस का जवाब देकर अपनी स्थिति साफ करें.
रिजवान के करियर पर लटकी तलवार, PCB ले सकता है बड़ा एक्शन
लाहौर हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद अब मोहम्मद रिजवान के क्रिकेट करियर पर भी तलवार लटक गई है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड फिलहाल साइबर एजेंसी (NCCIA) की फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच के नतीजों का इंतजार कर रहा है. PCB ने पहले ही साफ कर दिया है कि जैसे ही एजेंसी की रिपोर्ट आएगी, नियमों के मुताबिक रिजवान और इमाम-उल-हक पर बेहद सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें उन पर बैन लगना भी शामिल हो सकता है.
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