खबर शहर , ललित की मौत: सिपाही निलंबित, एफआईआर अब तक न हुई; परिवार बोला- समझौता नहीं, इंसाफ चाहिए – INA

 रावली में फाटक वाली बिल्डिंग से गिरकर कंपाउंडर ललित राजपूत की मौत के मामले में परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कार्रवाई का आश्वासन देकर अंतिम संस्कार करा दिया। अब आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सिर्फ निलंबन की खानापूर्ति कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। तहरीर लेने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। उनके पास वीडियो भी है। उधर, रविवार को पूरे दिन ललित के घर समाज के नेताओं, विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहा।

ललित के पिता चंदन ने आरोप लगाया कि रात में कुछ पुलिसकर्मी घर आए। पांच लाख रुपये दिलाने और मामला रफा-दफा करने की कहने लगे। बेटे की जान की कीमत लगाई। सिपाहियों पर प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। अब सभी मुकर गए। वह कार्रवाई चाहते हैं। किसी तरह का समझौता मंजूर नहीं है। मृतक के भाई भानु ने बताया कि पुलिसकर्मी अगर जुआ लूटने नहीं आए थे तो पांच लोगों को पकड़ने के लिए पहले थाने को सूचना देकर फोर्स क्यों नहीं बुलाई। भाई के दोस्तों को इतना डरा दिया गया कि वह भूमिगत हैं। किसी से भी घटनाक्रम की चर्चा करने पर जेल भेजने की धमकी दी गई है। सीसीटीवी में सिपाही पैदल आते और घटना के बाद भागते साफ नजर आ जाएंगे।

सात दिन में गई दो जान

कमिश्नरेट में पुलिसकर्मियों की वजह से सात दिनों में दो लोगों की जान गई है। पहले सदर के सेवला क्षेत्र में ढाबा कर्मचारी बीटू लवानिया की मधुनगर निवासी प्रयागराज में तैनात जैकी चौधरी ने गोली मारकर हत्या की। प्रकरण में काफी देर तक आरोपी के पुलिसकर्मी होने की बात दबाई गई। मामला तूल पकड़ने पर आरोपी को जेल भेजा गया। इसके बाद अब शुक्रवार रात जुआ पकड़ने आए दो सिपाहियों से झड़प के दौरान संदिग्ध अवस्था में ललित की छत से गिरकर मौत हो गई। परिजन छत से फेंककर हत्या करने का आरोप खुलकर लगा रहे हैं।

एक सिपाही की जा सकती है नौकरी

ललित की मौत के मामले में आरोपी सिपाही आकाश शर्मा की नियुक्ति वर्ष 2025 में हुई है। दो साल तक प्रोबेशन होता है। अधिकारी उसके काम को देखकर समीक्षा करते हैं। इस अवधि में निलंबन और आपराधिक मामला दर्ज होने पर नौकरी भी जा सकती है। आपराधिक मामला दर्ज होने पर बर्खास्तगी की संस्तुति भी की जा सकती है। वहीं दूसरे आरोपी सिपाही की 2021 में नियुक्ति हुई है। इतनी कम अवधि की नौकरी में इतने संगीन अपराध में नाम आने की चर्चा हो रही है।

यह था मामला

शुक्रवार रात रकाबगंज थाने की चीता मोबाइल पर तैनात सिपाही आकाश शर्मा और शुभम राठी फाटक वाली बिल्डिंग पहुंचे। छत पर ताश खेल रहे युवकों को पकड़ने का प्रयास किया। चार युवक भाग गए लेकिन कंपाउंडर ललित को सिपाहियों ने पकड़ लिया। झड़प के दौरान ललित की छत से गिरकर मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि रुपये न लूट पाने पर पुलिसकर्मियों ने छत से फेंककर हत्या कर दी। इसके बाद सिपाही भाग गए थे। शनिवार को मामले में जमकर हंगामा हुआ। मामले में दोनों सिपाहियों को निलंबित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था।

पांच पुलिसकर्मियों ने दबाव बना संतुष्ट होने की बात बुलवाई

रविवार को घर पहुंचने हर व्यक्ति को परिजन मोबाइल पर तहरीर की फोटो दिखा रहे थे। कह रहे थे कि उन्होंने तहरीर दे दी पर पुलिस अब उनकी सुनने को तैयार नहीं है। पुलिस के अधिकारी ने कैमरे के सामने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। रात में पुलिस सिपाहियों के गश्त के दौरान सायरन बजाने पर डर के कारण भागने पर छत से गिरने की कहानी फैला रही है। इसी दौरान करीब एक बजे परिवार को पता चला कि भानु ने वीडियो बनाया है तो हंगामा होने लगा। भानु ने परिजन को बताया कि पांच पुलिसकर्मियों ने दबाव बनाकर जबरन संतुष्ट होने की बात बुलवाई और वीडियो बनाकर वायरल किया। वीडियो बनाने के दौरान उनके साथ कोई नहीं था। वह डर गए थे और मजबूर होकर वीडियो बनाया।

डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि परिजन मिलने आए थे। उनसे तहरीर ली गई है। इस पर एसीपी छत्ता को जांच के आदेश किए गए हैं। निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर . की कार्रवाई होगी। 


Credit By Amar Ujala

Back to top button