खबर शहर , UP: जिन स्कूलों में महंगी दीं कॉपी-किताबें, जांच के लिए गठित हुईं छह टीम; 4 हफ्ते बाद भी नहीं दे सकीं रिपोर्ट – INA

 महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ने की शिकायतें हुईं, इस पर प्रशासन ने सख्ती का दावा करते हुए जांच शुरू कराई। मगर 30 स्कूलों की जांच के लिए बनाई गई 6 संयुक्त टीमें अब तक जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को रिपोर्ट नहीं सौंप पाईं। एक सप्ताह में इन्हें रिपोर्ट देनी थी लेकिन चार हफ्ते बीत चुके हैं।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

जिले के निजी स्कूलों में एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) और एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लागू करने की शिकायतें हुई थीं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जांच के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता टीम पापा के मनोज शर्मा ने आरोप लगाया था कि अभिभावकों को स्कूलों और तय दुकानों से महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

Table of Contents

जांच के लिए डीएम ने 6 मई को अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, द्वितीय, तृतीय, उपजिलाधिकारी सदर, किरावली, डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की 6 संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। सभी को 30 स्कूलों का भौतिक सत्यापन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश थे, ताकि दोषी स्कूलों पर कार्रवाई हो सके। मगर चार सप्ताह बाद भी रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। स्कूल बंद हो गए हैं। जब स्कूल खुलेंगे तो जांच टीम जाएगी। बच्चों से बात कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।


Credit By Amar Ujala

Back to top button
Close
Crime
Social/Other
Business
Political
Editorials
Entertainment
Festival
Health
International
Opinion
Sports
Tach-Science
Eng News