खबर शहर , जिपलाइन हादसा: 10 दिन बाद भी मालिक का पता नहीं लगा सकी पुलिस, कछुआ गति से चल रही जांच – INA

आगरा के ताजगंज स्थित चाैपाटी में जिपलाइन का लॉक खुलने से 45 फीट नीचे गिरकर किशोर की माैत के मामले में पुलिस की जांच कछुआ गति से चल रही है। पुलिस ने मैनेजर और सुरक्षा प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तार किया था। 10 दिन बाद भी आरोपी बनाए गए कंपनी के मालिक के नाम की अब तक वृद्धि नहीं की गई है। मृतक किशोर के पिता ने न्याय की गुहार लगाई है।
24 मई को चाैपाटी में हादसा हुआ था। फिरोजाबाद निवासी पंकज अग्रवाल पत्नी और दो बेटों के साथ आगरा घूमने आए थे। ताजनगरी फेज-2 स्थित चाैपाटी में बच्चों को लेकर गए थे। 16 वर्षीय बेटा कुनाल जिपलाइन पर राइड के लिए गया था। 10 फीट . चलते ही वह गिर गया था। हादसे में उसकी मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की।
इसमें सुरक्षा प्रभारी अभिषेक, मैनेजर संतोष कुमार और जिपलाइन का संचालन करने वाली कंपनी के मालिक को आरोपी बनाया गया। आरोपी सुरक्षा प्रभारी और मैनेजर को जेल भेजा जा चुका है मगर आरोपी मालिक के बारे में पुलिस पता नहीं कर सकी है। पुलिस का कहना है कि कंपनी में दो से अधिक साझीदार हैं। आगरा में संचालन की जिम्मेदारी किस पर थी, यह पता किया जाना है।
मृतक के पिता पंकज अग्रवाल का कहना है कि बेटे के साथ हुई घटना के सभी दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। कंपनी के मालिक भी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। पुलिस परिवार को न्याय दिलाए। उधर, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि साक्ष्य संकलन जुटाए जा रहे हैं। मामले में जिन लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिलेंगे, उनके नाम केस में शामिल किए जाएंगे।