Sports- एशियाड 2026: मां-बाप खो चुकी बेटी का एशियाई खेलों से कटा नाम, अरुणाचल के सीएम ने खेल मंत्री से लगाई गुहार -#INA

एशियाई खेलों में अरुणाचल प्रदेश के खिलाडि़यों की भागीदारी फिर विवादों में है। तीन वर्ष पूर्व हांगझोउ एशियाई खेलों के लिए वुशु के तीन खिलाडि़यों को चीन ने नत्थी वीजा जारी कर दिया था, जिससे उन्हें नई दिल्ली एयरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ा। इस बार भी भारतीय वुशु  संघ ने (डब्ल्यूएआई) ने अरुणाचल की दो बेटियों का चयन एशियाई खेलों में किया, पर सरकारी खर्च नहीं मिलने के कारण एशियाई चैंपियनशिप में नहीं खेल पाईं मर्सी नगाइमोंग का नाम टीम से हटा दिया गया।

चार वर्ष पूर्व अपने मां-बाप को खो देने वाली मर्सी ने इसी साल मास्को वुशु स्टार में दो रजत पदक जीते हैं। लगातार तीन राष्ट्रीय खेलों से स्वर्ण जीतती आ रहीं मर्सी के समर्थन में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी उतर आए हैं। पेमा ने एशियाई खेलों के चयन के लिए बनाई गई नीति के नियम का हवाला देते हुए खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मर्सी को टीम में शामिल किए जाने की गुहार लगाई है।

75 साल की दादी कर रहीं हैं पालन

अरुणाचल प्रदेश में वुशु के राष्ट्रीय कोच प्रेमचंद्र अमर उजाला को बताते हैं कि पिछली बार एशियाई खेलों के लिए वुशु टीम का चयन मास्को वुशु स्टार चैंपियनशिप में प्रदर्शन के आधार पर किया गया था। इस बार मंत्रालय ने एशियाई चैंपियनशिप में शीर्ष छह की अहर्ता रखी है। प्रेमचंद्र के मुताबिक मर्सी एशियाई चैंपियनशिप की टीम में भी शामिल थीं, लेकिन उन्हें सरकारी खर्च की मदद के बिना खेलने की अनुमति मिली। मर्सी के माता-पिता का निधन हो चुका है। उसके दो छोटे भाई-बहन भी हैं। 75 साल की दादी बुढ़ापे में काम कर इन तीनों का पालन करती हैं। ऐसे में वह एशियाई चैंपियनशिप में खेलने का खर्च कहां से उठा पाती।

पदक की हैं दावेदार

आईओए और साई ने शीर्ष छह की चयन नीति पर खरे नहीं उतरने के लिए तेरह खिलाडि़यों में पांच का नाम काटा है। इनमें मर्सी भी हैं। पेमा खांडू ने खेल मंत्री को लिखा है कि डब्ल्यूएआई एशियाड में पदक के लिए 9.724 के स्कोर का बेंच मार्क रखा है, जबकि मर्सी राष्ट्रीय शिविर में इससे अधिक स्कोर कर रही हैं। इस लिहाज से डब्ल्यूएआई मर्सी को एशियाड में पदक का दावेदार मान रही है।

Credit By Amar Ujala

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