Sports- Who is Yash Vir Singh: आखिरी थ्रो ने बदली किस्मत, यशवीर ने भारत को दिलाया ऐतिहासिक कांस्य; पिता की सीख रंग लाई -#INA

ग्लास्गो के स्टेडियम में भाला हवा को चीरता हुआ लगातार . बढ़ रहा था। कुछ सेकंड के लिए पूरा स्टेडियम खामोश था। जैसे ही दूरी 85.41 मीटर दर्ज हुई, यशवीर सिंह ने दोनों हाथ हवा में उठा दिए। यह सिर्फ उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो नहीं था, बल्कि वह थ्रो था जिसने उन्हें सीधे पोडियम पर पहुंचा दिया।


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुषों के भाला फेंक फाइनल में आखिरी प्रयास में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यशवीर सिंह ने कांस्य पदक जीत लिया। इस एक थ्रो ने न केवल उनकी वर्षों की मेहनत का इनाम दिया, बल्कि भारत को नीरज चोपड़ा के रजत और यशवीर के कांस्य के रूप में ऐतिहासिक डबल पोडियम भी दिला दिया। जिस समय यशवीर आखिरी प्रयास के लिए रन-अप ले रहे थे, तब पदक उनसे दूर दिखाई दे रहा था। लेकिन बड़े खिलाड़ी वही होते हैं, जो सबसे ज्यादा दबाव में अपना सर्वश्रेष्ठ निकालते हैं।

Credit By Amar Ujala

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