Tach – ₹30 हजार के बजट में गेमिंग का नया दौर, क्या है ड्यूल चिप टेक्नोलॉजी, कैसे बदल रहा आपका फोन

नई दिल्ली. भारत में स्मार्टफोन अब सिर्फ कॉल, सोशल मीडिया और वीडियो देखने तक सीमित नहीं हैं. मोबाइल गेमिंग तेजी से बड़ा बाजार बन रही है और इसी के साथ यूजर्स की उम्मीदें भी बदल रही हैं. अब गेमिंग के लिए सिर्फ तेज प्रोसेसर ही काफी नहीं माना जाता. लोग ऐसा फोन चाहते हैं जो लंबे समय तक गेम चलाने पर ज्यादा गर्म न हो, बैटरी जल्दी खत्म न हो और लगातार स्मूथ परफॉर्मेंस दे. मॉर्डोर इंटेलिजेंस (Mordor Intelligence) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का गेमिंग मार्केट 2026 में करीब 5 अरब डॉलर से बढ़कर 2031 तक लगभग 9.89 अरब डॉलर हो सकता है. इसमें मोबाइल गेमिंग की हिस्सेदारी करीब 80% है. यही वजह है कि स्मार्टफोन कंपनियां अब गेमिंग परफॉर्मेंस बेहतर करने के लिए नए हार्डवेयर कॉम्बिनेशन पर दांव लगा रही हैं.
गेमिंग के साथ वीडियो देखने का अनुभव भी बेहतर
इस टेक्नोलॉजी का फायदा सिर्फ गेम खेलने वालों तक सीमित नहीं है. AI चिप वीडियो और स्पोर्ट्स कंटेंट को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकती है. उदाहरण के लिए, AI की मदद से वीडियो के फ्रेम को एन्हांस किया जा सकता है, जिससे तेज मूवमेंट वाले सीन ज्यादा स्मूथ दिखाई दे सकते हैं. इसी तरह कम क्वालिटी वाले वीडियो को ज्यादा शार्प बनाने और HDR इफेक्ट को बेहतर करने जैसी प्रोसेसिंग भी की जा सकती है. यानी इसका इस्तेमाल गेमिंग के अलावा फिल्म, वेब सीरीज और लाइव स्पोर्ट्स देखने के दौरान भी किया जा सकता है.
26 अगस्त को आ रहा रियलमी पी4एस 5जी
इसी ट्रेंड के बीच रियलमी (Realme) अपनी पी4 सीरीज में रियलमी पी4एस 5जी (Realme P4s 5G) को 26 अगस्त को भारत में लॉन्च करने जा रही है. कंपनी इसे करीब 30,000 रुपये के सेगमेंट में गेमिंग और कंटेंट यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश कर रही है. फोन में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्ट्रा (MediaTek Dimensity 7400 Ultra) के साथ अलग हाइपर विजन प्लस एआई चिप (Hyper Vision+ AI Chip) दी गई है. इसके अलावा इसमें 144Hz सैमसंग 1.5K AMOLED डिस्प्ले, 3000Hz टच सैंपलिंग रेट, 8000mAh बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग मिलने की जानकारी दी गई है. फोन में 7000mm² एयरफ्लो VC कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है.
₹30 हजार के फोन में क्यों अहम है यह बदलाव
स्मार्टफोन बाजार में अब कंपनियों के बीच मुकाबला सिर्फ रैम, कैमरा और प्रोसेसर तक नहीं रह गया है. यूजर्स लंबे समय तक इस्तेमाल में बेहतर परफॉर्मेंस चाहते हैं. ड्यूल चिपसेट इसी जरूरत को पूरा करने की कोशिश है. अगर यह टेक्नोलॉजी बजट और मिड रेंज फोन में तेजी से पहुंचती है, तो आने वाले समय में 30,000 रुपये के आसपास के स्मार्टफोन में गेमिंग, वीडियो और AI फीचर्स के बीच अंतर कम हो सकता है. यानी ज्यादा कीमत वाले गेमिंग फोन में मिलने वाली कुछ टेक्नोलॉजी अब कम कीमत वाले फोन में भी देखने को मिल सकती है.
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