Tach – Mythos AI: डिजिटल दुनिया का ‘मास्टर चोर’, बैंकों में खलबली, सरकार भी एक्शन मोड में, जानिए आप पर क्या असर

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- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'एंथ्रोपिक क्लॉड माइथोस' (Claude Mythos) एआई मॉडल को लेकर भारतीय बैंकों को अलर्ट जारी किया है. यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि यह दशकों पुरानी सुरक्षा कमियों को भी पकड़ लेता है, जिससे बैंकिंग सिस्टम हैक होने का डर है. सरकार अब बैंकों और साइबर विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक सुरक्षा कवच तैयार कर रही है. क्या आपका बैंक ऐसे आधुनिक एआई खतरों से निपटने के लिए तैयार है? जानें सरकार ने बैंकों को कौन से सख्त निर्देश दिए हैं.
- क्यों इतना खतरनाक है माइथोस?
- भारत सरकार ने क्या कदम उठाए?
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘एंथ्रोपिक क्लॉड माइथोस’ (Claude Mythos) एआई मॉडल को लेकर भारतीय बैंकों को अलर्ट जारी किया है. यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि यह दशकों पुरानी सुरक्षा कमियों को भी पकड़ लेता है, जिससे बैंकिंग सिस्टम हैक होने का डर है. सरकार अब बैंकों और साइबर विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक सुरक्षा कवच तैयार कर रही है. क्या आपका बैंक ऐसे आधुनिक एआई खतरों से निपटने के लिए तैयार है? जानें सरकार ने बैंकों को कौन से सख्त निर्देश दिए हैं.
क्लॉड माइथोस एआई से पूरी दुनिया के बैंकों में डर पैदा हो गया है. (Image – AI)
नई दिल्ली. भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने भारतीय बैंकों को ‘क्लॉड माइथोस’ नाम के एक नए और बहुत शक्तिशाली AI से सावधान रहने को कहा है. यह AI इतना दिमाग वाला है कि यह कंप्यूटर और बैंक के सिस्टम में उन गुप्त कमियों को ढूंढ लेता है, जिन्हें इंसान भी नहीं देख पाते. ऐसे में यह डिजिटल ताले की वह मास्टर चाबी बना सकता है, जिससे बैंक के सुरक्षित दरवाजे खुल सकते हैं. सरकार को डर है कि अगर हैकर्स ने इस AI का इस्तेमाल किया, तो वे बैंकों के सिस्टम में घुसकर सेंध लगा सकते हैं. इसलिए सरकार ने सभी बैंकों को तुरंत अपने सुरक्षा तंत्र मजबूत करने और आपस में मिलकर सूचना साझा करने का आदेश दिया है ताकि आम जनता का पैसा और जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहे.
गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के बड़े अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की. इस मीटिंग का मुख्य मकसद एंथ्रोपिक क्लॉड माइथोस (Anthropic Claude Mythos) नाम के एक बेहद ताकतवर एआई (AI) मॉडल से होने वाले साइबर खतरों को समझना था. इस मीटिंग में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) भी मौजूद थे.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंक अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. (Image – FinMinIndia@X)
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर बताया कि निर्मला सीतारमण ने सभी बैंकों और संबंधित संस्थाओं को सतर्क रहने को कहा है. उन्होंने कहा कि माइथोस (Mythos) से मिलने वाली चुनौती बिल्कुल नई और बहुत बड़ी है. इसके लिए सभी वित्तीय संस्थानों और बैंकों को पहले से कहीं ज्यादा चौकन्ना रहने, तैयारी पुख्ता करने और आपस में मिलकर काम करने की जरूरत है. यह मामला इतना गंभीर है कि सरकार इसे हल्के में नहीं लेना चाहती.
क्यों इतना खतरनाक है माइथोस?
एंथ्रोपिक (Anthropic) नाम की एक एआई स्टार्टअप कंपनी ने ‘क्लॉड माइथोस’ को बनाया है. यह कंपनी का अब तक का सबसे एडवांस मॉडल है. यह एआई इतना ताकतवर है कि यह उन गलतियों और कमियों (Vulnerabilities) को भी ढूंढ लेता है जो इंसानों की नजर से बच जाती हैं. इसने ऑपरेटिंग सिस्टम और इंटरनेट ब्राउजर में ऐसी कमियां ढूंढी हैं जो पिछले 27 सालों से किसी को पता नहीं थीं. यह एआई कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के उन गुप्त दरवाजों को खोल सकता है, जिन्हें हैकर्स इस्तेमाल कर सकते हैं.
यही वजह है कि कंपनी ने इसे आम जनता के लिए जारी नहीं किया है. एंथ्रोपिक का मानना है कि अगर यह एआई सबके पास पहुंच गया, तो किसी भी साधारण व्यक्ति के हाथ में खतरनाक हैकिंग की ताकत आ जाएगी. फिलहाल इसका एक्सेस अमेज़न (Amazon), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और गूगल (Google) जैसी सिर्फ 40 चुनिंदा कंपनियों को ही दिया गया है. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अनधिकृत लोगों ने चोरी-छिपे इसका एक्सेस पा लिया है, जिससे दुनियाभर के बैंकों की चिंता बढ़ गई है. सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका की सरकार भी वॉल स्ट्रीट (Wall Street) के बैंकों के साथ इस खतरे पर चर्चा कर रही है.
भारत सरकार ने क्या कदम उठाए?
वित्त मंत्री ने बैंकों को आदेश दिया है कि वे अपने आईटी (IT) सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए तुरंत कदम उठाएं, ताकि ग्राहकों का डेटा सुरक्षित रहे. सरकार एक ऐसा ढांचा तैयार करने की योजना बना रही है जो एआई के जरिए होने वाले हमलों को पहचान सके और उन्हें रोक सके. वित्त मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि बैंकों को इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (Indian CERT) और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर एक रियल-टाइम सिस्टम बनाना चाहिए. इसका मतलब है कि जैसे ही किसी एक बैंक पर कोई खतरा दिखे, उसकी जानकारी तुरंत पूरे देश के बैंकिंग सिस्टम को मिल जाए.
निर्मला सीतारमण ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) को भी एक ऐसी संस्थागत व्यवस्था बनाने की सलाह दी है जो किसी भी साइबर हमले का तुरंत जवाब दे सके. एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि भारत के वित्तीय क्षेत्र को इस नए एआई मॉडल से कितना बड़ा खतरा हो सकता है. फिलहाल सरकार का जोर बचाव और एडवांस तैयारी पर है ताकि आम आदमी की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे.
आम आदमी पर कितना असर
- पैसों की सुरक्षा: अगर बैंकों का सिस्टम कमजोर पड़ता है, तो खाते से पैसे चोरी होने या डिजिटल फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, सरकार की इस चेतावनी का मकसद समय रहते सुरक्षा बढ़ाना है ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे.
- बैंकिंग सेवाओं में बदलाव: आने वाले दिनों में बैंक अपने ऐप या ऑनलाइन बैंकिंग में डबल सुरक्षा (जैसे एक्स्ट्रा OTP या बायोमेट्रिक) लगा सकते हैं. इससे आपको लेन-देन में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है, लेकिन यह आपकी सुरक्षा के लिए होगा.
- लेन-देन में सावधानी: अब आपको अपने बैंक पासवर्ड, पिन और पर्सनल जानकारी को लेकर पहले से कहीं ज्यादा अलर्ट रहना होगा. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ सकता है.
- तकनीकी अपडेट: बैंक अपनी मशीनों और सॉफ्टवेयर को अपडेट करने के बारे में सोचेंगे. इस दौरान कभी-कभी नेट बैंकिंग या ATM सेवाएं कुछ घंटों के लिए बंद रह सकती हैं.
- भरोसा बनाम तनाव: ऐसी खबरों से लोगों में मन में डर बैठता है, लेकिन सरकार की सक्रियता यह दिखाती है कि वे आपके डेटा और कमाई को बचाने के लिए बड़ी टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
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मलखान सिंह पिछले 17 वर्षों से ख़बरों और कॉन्टेंट की दुनिया में हैं. प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों का नाम प्रोफाइल में जुड़ा है. लगभग 4 साल से News18Hindi के साथ काम कर रहे …और पढ़ें
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