Technology, मेटा-यूट्यूब की बढ़ी मुश्किलें: सोशल मीडिया लत पर जूरी के फैसले को कोर्ट में चुनौती, जानें आखिर क्या अपील की — INA

मेटा ने लॉस एंजिल्स काउंटी सुपीरियर कोर्ट में जूरी के उस फैसले के खिलाफ अब अपील दायर की है, जिसमें कहा गया था कि इंस्टाग्राम और फेसबुक के डिजाइन ने युवाओं में सोशल मीडिया की लत बढ़ाने में भूमिका निभाई है और कंपनी ने उनकी कोई परवाह नहीं की। कंपनी की ओर से अपील का नोटिस दाखिल कर दिया गया है। अब मेटा अपने कानूनी तर्क . की सुनवाई में पेश करने की तैयारी में है।

पूरा मामला क्या है?

दरअसल यह मामला एक 20 वर्षीय युवती से जुड़ा है। जिसकी पहचान अदालत में केजीएम और पहले केली के नाम से की गई। युवती ने मेटा पर आरोप लगाया कि बचपन में उसे सोशल मीडिया की लत लग गई थी, जिससे उसे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या हो गई। जूरी ने मेटा और यूट्यूब की लापरवाही को इसका मुख्या कारण माना।

कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?


  • मेटा और यूट्यूब की लापरवाही को इस नुकसान का कारण मानते हुए कोर्ट ने केली को तीन मिलियन डॉलर का हर्जाना और अतिरिक्त 3 मिलियन डॉलर का दंडात्मक हर्जाना देने का आदेश दिया था। इसके बाद इस पर कंपनी ने एतराज जताते हुए दलीद पेश की थी, जिसे जज कैरोलिन बी कुहल ने जून की शुरुआत में खारिज कर दिया था, जिसके बाद अब कंपनियों ने फिस से औपचारिक अपील दायर की है।

  • हालांकि यह फैसला अंतिम नहीं है, क्योंकि Meta और YouTube दोनों ने इसके खिलाफ अपील करने का फैसला किया है।

मेटा और गूगल का क्या कहना है?


  • मेटा के प्रवक्ता ने अपने पुराने स्टैंड को दोहराते हुए कहा कि किशोरों का मानसिक स्वास्थ्य बेहद जटिल है और इसे किसी एक अकेले एप से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।

  • वहीं, यूट्यूब के प्रवक्ता जोस कास्टानेडा ने भी पुष्टि की कि वे अपील करने की योजना बना रहे हैं और यह इस कानूनी प्रक्रिया का एक सामान्य हिस्सा है।

डिजाइन फीचर्स क्यों बने विवाद की वजह?

इस विवाद का मुद्दा और कुछ नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ डिजाइंस को ही माना जा रहा है। जिसमें लगातार स्क्रॉलिंग, ऑटोप्ले वीडियो और अभी खत्म न हाेने वाला कंटेंट फीड है। दलील में भी यही कहा गया है कि ये फीचर्स यूजर्स को प्लेटफॉर्म पर अधिक समय तक इंगेज रखने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जिससे लत जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

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