Technology, Us-china: कभी गूगल के चीन छोड़ने पर हंसा था माइक्रोसॉफ्ट, अब खुद समेट रहा अपना कारोबार, जानें अंदर की कहानी – Microsoft China Retreat Offices Closed Ai Cloud Geopolitical Tensions — INA

सार

कभी माइक्रोसॉफ्ट के लिए चीन छोड़ना लगभग असंभव विचार माना जाता था। लेकिन बदलते अमेरिका-चीन रिश्तों, स्थानीय सॉफ्टवेयर की बढ़ती ताकत और AI पर अमेरिकी पाबंदियों ने तस्वीर बदल दी है। कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में कम से कम 15 ऑफिस व संयुक्त उपक्रम बंद किए हैं।

साल 2010 की बात है जब गूगल ने सेंसरशिप और साइबर हमलों के डर से चीन से अपना कारोबार समेटने का फैसला किया था। उस वक्त माइक्रोसॉफ्ट के तत्कालीन सीईओ स्टीव बाल्मर और बिल गेट्स ने गूगल के इस कदम को ‘ओवररिएक्शन’ बताकर तंज कसा था। उनके लिए चीन के इतने बड़े बाजार को छोड़ना किसी बुरे सपने जैसा था। लेकिन वक्त का पहिया ऐसा घूमा कि आज माइक्रोसॉफ्ट खुद चीन में पीछे हटने की रणनीति पर काम कर रहा है। कॉर्पोरेट फाइलिंग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच साल में चीन में माइक्रोसॉफ्ट के कम से कम 15 ब्रांच ऑफिस और जॉइंट वेंचर हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं।

भू-राजनीतिक तनाव से हुआ कमाई पर असर

  • वाशिंगटन और बीजिंग के बीच लगातार बढ़ते अविश्वास ने दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनियों की कमर तोड़ दी है। हालत यह थी कि साल 2023 में माइक्रोसॉफ्ट के कई शीर्ष अधिकारियों ने चीन का बाजार पूरी तरह से छोड़ने पर गंभीरता से विचार किया था। उनका मानना था कि चीन में राजनीतिक जोखिम बहुत ज्यादा है और उसके मुकाबले आर्थिक मुनाफा बेहद कम है।
  • आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2024 में माइक्रोसॉफ्ट के ग्लोबल रेवेन्यू में चीन की हिस्सेदारी मात्र 1.5 प्रतिशत रह गई थी। हालांकि कंपनी ने फिलहाल पूरी तरह से बाहर निकलने की योजना टाल दी है, लेकिन एपल और टेस्ला जैसी अन्य अमेरिकी कंपनियां भी चीन में अपने निवेश को लेकर काफी सतर्क हो गई हैं।

सरकारी बाजार से नहीं मिली उम्मीद के मुताबिक सफलता

  • माइक्रोसॉफ्ट ने चीन की सरकार के साथ लंबे समय तक अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश की। कंपनी का चीनी सरकार के साथ संपर्क 1990 के दशक की शुरुआत से रहा है। साल 1994 में बिल गेट्स ने तत्कालीन चीनी राष्ट्रपति जियांग जेमिन से मुलाकात की थी। लेकिन पश्चिमी देशों द्वारा जासूसी की खबरों के बाद, चीन ने विदेशी तकनीक को शक की नजर से देखना शुरू कर दिया। साल 2017 में ड्रैगन ने स्थानीय और स्वदेशी सॉफ्टवेयर को भारी बढ़ावा देने की नीति लागू कर दी, जो गुणवत्ता में विंडोज और ऑफिस को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
  • इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए खुद सीईओ सत्या नडेला ने चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत करके एक खास ‘विंडोज 10 चाइना गवर्नमेंट एडिशन’ पेश किया था। कंपनी को उम्मीद थी कि इससे सरकारी कामकाज में उनकी पैठ बनी रहेगी। इसके बावजूद, 2017 के नए सरकारी खरीद दिशा-निर्देशों में किसी भी विदेशी ऑपरेटिंग सिस्टम को ‘सुरक्षित और विश्वसनीय’ श्रेणी में नहीं रखा गया, जिससे माइक्रोसॉफ्ट की सभी रणनीतियों को बड़ा झटका लगा।

क्लाउड और AI के सहारे बची है आखिरी उम्मीद

  • सरकारी क्षेत्र में खास कामयाबी न मिलने के बावजूद, माइक्रोसॉफ्ट ने चीनी निजी क्षेत्र में अपने लिए एक नई जीवनरेखा तलाश ली। मौजूदा समय में ByteDance और Shein जैसी बड़ी चीनी कंपनियां, जो पश्चिमी देशों के ग्राहकों को अपनी सेवाएं देती हैं, विदेशी नियमों के तहत अपने डेटा प्रबंधन के लिए पूरी तरह से माइक्रोसॉफ्ट के Azure क्लाउड पर निर्भर हैं।
  • इसी क्लाउड सेवा के जरिए चीनी कंपनियों को OpenAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का खास एक्सेस मिलता है, क्योंकि OpenAI सीधे तौर पर चीन में अपनी सेवाएं नहीं देता। इसी मुनाफे वाले बिजनेस और चीन के बेहतरीन इंजीनियरिंग टैलेंट तक अपनी पहुंच बनाए रखने के लिए कंपनी ने फिलहाल चीन में रुके रहने का फैसला किया है। हालांकि, Kimi जैसे सस्ते और बेहद एडवांस स्वदेशी चीनी AI मॉडल्स के आने से भविष्य में माइक्रोसॉफ्ट के इस क्लाउड बिजनेस पर भी गहरा खतरा मंडरा रहा है।

1,000 इंजीनियरों को विदेश जाने का मौका, लेकिन ज्यादातर नहीं गए

रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट ने 2024 में अपने करीब 1,000 शीर्ष इंजीनियरों को अमेरिका और तीन अन्य पश्चिमी देशों में स्थानांतरण का विकल्प दिया था। लेकिन इनमें से केवल एक-तिहाई कर्मचारियों ने यह प्रस्ताव स्वीकार किया। माइक्रोसॉफ्ट ने स्थानांतरण के विकल्प दिए जाने की पुष्टि की, लेकिन विस्तृत संख्या साझा नहीं की। कई सीनियर इंजीनियर चीन की यूनिवर्सिटीज और घरेलू टेक कंपनियों में चले गए। इसकी वजह तकनीकी काम जारी रखने के साथ परिवार के करीब रहना भी बताया गया।

क्या माइक्रोसॉफ्ट के लिए बंद होंगे चीन के दरवाजे?

  • माइक्रोसॉफ्ट का चीन से रिश्ता जरूर बदल रहा है, लेकिन कंपनी ने बाजार से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला नहीं किया है। माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स को बताया कि माइक्रोसॉफ्ट चीन के उस नियामकीय माहौल में काम कर रहा है, जो सभी अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स पर लागू होता है और वह चीनी बाजार के प्रति प्रतिबद्ध है। कंपनी के मुताबिक, चीन में उसके कारोबार की स्थिति बाजार प्रतिस्पर्धा, नियामकीय मांगों और तकनीकी बदलावों को दर्शाती है।
  • यानी माइक्रोसॉफ्ट की चीन रणनीति अब पहले जैसी विस्तारवादी नहीं दिखती। कंपनी ने अपनी मौजूदगी घटाई है, कुछ गतिविधियां दूसरी जगह स्थानांतरित की हैं और सरकार के बजाय वैश्विक कारोबार करने वाली चीनी कंपनियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है। लेकिन चीन की इंजीनियरिंग प्रतिभा और वहां मौजूद कारोबारी अवसरों के कारण माइक्रोसॉफ्ट अभी इस बाजार का दरवाजा पूरी तरह बंद करने के पक्ष में नहीं है।

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