सीजी- रायपुर: राज्योत्सव पर आसमान में दिखेगी वायुसेना की ताकत, सारंग टीम के हेलीकॉप्टर दिखाएंगे हैरतअंगेज करतब – INA

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर शुक्रवार को भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सारंग टीम रायपुर के आसमान में अपनी सामर्थ्य का प्रदर्शन करेगी। शहर के नागरिक दोपहर 12:20 से 12:45 बजे के बीच अपने घरों की छतों से हेलीकॉप्टरों की इस अद्भुत उड़ान को देख सकेंगे। इसके बाद राज्योत्सव के मुख्य आयोजन के तहत 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भव्य एयर शो का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व 30 अक्तूबर को रायपुर शहर के ऊपर हेलीकॉप्टरों की उड़ान लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, उच्च कौशल और पायलटों के बेहतरीन तालमेल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करेगा।

स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर का इतिहास

भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का गठन वर्ष 2003 में किया गया था। इस टीम ने पहली बार फरवरी 2004 में सिंगापुर में आयोजित एशियन एयरोस्पेस एयर शो में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाए थे। इसके बाद से यह टीम देश और विदेश के अनेक प्रमुख एयर शो में अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शन शैली का प्रदर्शन कर चुकी है। सारंग टीम प्रदर्शन के लिए भारत में ही विकसित एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव का उपयोग करती है। इन हेलीकॉप्टरों की सबसे खास पहचान इन पर उकेरे गए मोर से प्रेरित रंग और आकर्षक डिजाइन हैं, जो दर्शकों को आकर्षित करते हैं।

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पांच हेलीकॉप्टरों का बेहतरीन समूह

सारंग टीम में कुल पांच हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। प्रदर्शन के दौरान चार हेलीकॉप्टर मुख्य रूप से हवा में विभिन्न प्रकार के करतब दिखाते हैं, जबकि पांचवें हेलीकॉप्टर को बैकअप के तौर पर तैयार रखा जाता है। हवाई प्रदर्शन के समय यह टीम समूह में उड़ान भरते हुए आकाश में एक साथ कई तरह की सुंदर आकृतियां बनाती है। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान पायलटों को एक-दूसरे के साथ पूर्ण तालमेल बनाए रखना पड़ता है। उन्हें हवा में हेलीकॉप्टरों की गति, दिशा और परस्पर दूरी का विशेष ध्यान रखना होता है।

आकाश में फॉर्मेशन फ्लाइंग का आकर्षण

इस वायु शो के दौरान सारंग टीम का मुख्य आकर्षण फॉर्मेशन फ्लाइंग रहेगा। इसमें कई हेलीकॉप्टर निश्चित दूरी और सटीक लयबद्धता के साथ एक साथ उड़ान भरते हैं। इसके अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों का एक साथ तीव्र मोड़ लेना, ऊपर की ओर तेजी से उड़ान भरना और गगन में विविध आकृतियों की रचना करना दर्शकों को रोमांचित करता है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित ध्रुव हेलीकॉप्टरों के माध्यम से वायुसेना के जांबाज पायलट अपनी क्षमता और अनुशासन का परिचय देंगे।


Credit By Amar Ujala

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