यूपी – कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे: कदम-कदम पर लापरवाही के निशान, मरम्मत की दरकार, गृह विभाग ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट – INA

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई है। अमर उजाला की पड़ताल में जगह-जगह खराब निर्माण के निशान मिले। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के एक महीने बाद ही बड़े पैमाने पर मरम्मत चल रही है। सबसे ज्यादा समस्या कानपुर से लखनऊ की दिशा वाली सड़क पर मिली। इस तरफ लंबे पैचवर्क किए जा रहे हैं और कुछ जगह पूरी सड़क को काटकर दोबारा बनाया जा रहा है।

लखनऊ से कानपुर की ओर चलते हुए करीब 28वें से 35वें किमी तक साढ़े छह से सात किमी के हिस्से में सड़क के किनारे और साइड लेन पर मरम्मत का काम चलता मिला। सड़क किनारे गिट्टी, डामर के भारी भंडार और मशीनें निर्माण में लापरवाही की गवाही दे रही थीं। करीब 37.6 किमी तक पहुंचने पर पांच स्थानों पर नालियों का काम चलता मिला। नालियां बनी हैं लेकिन पानी की निकासी के लिए उन्हें तोड़ा गया। क्रैश बैरियर ने कई जगह नालियों को बंद कर दिया था इससे पानी बाहर न निकल कर सड़क के अंदर चला गया जिसे दुरुस्त किया जा रहा था।

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39.5 किमी पर पुल में दरार भरने का काम मिला। 39.8 किमी पर सड़क की मरम्मत हो रही थी। इस दौरान चार लेन में से केवल एक लेन पर यातायात चल रहा था। 41.4 किमी के पास सड़क किनारे मिट्टी के भारी ढेर मिले। पूरे एक्सप्रेसवे पर दोनों तरफ ऐसे करीब 42 स्थान देखे गए। 47 किमी तक तीन बड़े पैचवर्क दिखाई दिए। 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पर सात स्थानों पर सड़क असमतल मिली।

नालियों और किनारे की पट्टियों की स्थिति

एक्सप्रेसवे पर सड़क के दोनों तरफ किनारे की पट्टियां बनाई जाती हैं। इनका मुख्य काम पानी के बहाव और सड़क की संरचना को सहारा देना है। पड़ताल में कई जगह इन पट्टिट्टयों के किनारे दो-दो फीट तक लंबी घास मिली। जानकारों के अनुसार, पानी जमा होने और निकासी न होने पर किनारे की पट्टिटयां प्रभावित हो सकती हैं। इससे सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होकर डामर सतह पर असर डाल सकती है। एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में मिट्टी के ढलान भी कटे हुए मिले। मिट्टी बहने से कई स्थानों पर किनारे की संरचना को दोबारा भरने की जरूरत है।


Credit By Amar Ujala

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