UP News: जेल की सलाखों से कला की उड़ान, डासना जेल के कैदी ने बनाई पेंटिंग; कोर्ट की दीवारों पर बिखेरे रंग – INA

उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में इन दिनों आने वाले लोगों की नजरें सिर्फ अदालत कक्षों तक सीमित नहीं रह जातीं. कोर्ट की दीवारों पर बनी बड़ी-बड़ी पेंटिंग्स हर किसी को रुककर देखने पर मजबूर कर रही हैं. कहीं न्याय की देवी दिखाई देती हैं, कहीं जेल की सलाखों के पीछे खड़ा कैदी और कहीं कानून पर भरोसा रखने का संदेश. इन तस्वीरों को बनाने वाला कोई मशहूर कलाकार नहीं, बल्कि हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी अरुण राणा है. कभी बीसीए की पढ़ाई करने वाला अरुण आज जेल में रहते हुए अपनी कला के जरिए सुधार और उम्मीद की नई कहानी लिख रहा है.

गाजियाबाद की कमिश्नरी की सबसे हाईटेक डासना जेल एक बार फिर सुर्खियां बटोर रही है और चर्चाओं में शामिल है. डासना जेल के कैदियों ने ऐसा कुछ कर दिखाया है जिसकी लोग कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. जेल का नाम सुनते ही कैदी थर्राते हैं लेकिन गाजियाबाद की डासना जेल बंदियों के लिए सुधार घर साबित हो रही है. वहीं, केंद्र और प्रदेश सरकार के आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को भी साबित कर रहा है. इसका ताजा उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला है. डसना जेल से रिहा हुआ एक कैदी जो अनिरुद्ध महाराज के दरबार में खड़े होकर जेल प्रशासन की जमकर प्रशंसा की है.

जेल में बंद कैदी ने सीखी कला

जानकारी के मुताबिक, यह कैदी हत्या के मामले में गाजियाबाद की डासना जेल में बंद था. जेल में ही इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किए गए. हालांकि, जेल में बंद सभी बंदी कैदियों को प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर बनाने का कार्य जेल प्रशासन द्वारा करा रही है. इसके अंतर्गत जेल में विचाराधीन बंदियों और कैदियों को भी आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. जेल प्रशासन के द्वारा किए गए कार्य का फल यह हो रहा है कि अब जो बंदी जेल से छूटकर जा रहा है उसे अपने किए गए गलत कार्य का पश्चाताप हो रहा है. यहां से निकलने के बाद जेल में सीखें हुनर से अपने परिवार का पालन पोषण का कार्य कर रहा है.

Up News 1280 720 2026 05 12t184122.049

कैदी खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेल प्रशासन का धन्यवाद कर रहे हैं. गाजियाबाद की तरह गौतम बुद्ध नगर की जेल में भी बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं गौतम बुद्ध नगर जेल प्रशासन जेल में बंद बंदी और कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बंधिया की रुचि के अनुसार कार्य सीखा रहे हैं. जेल प्रशासन होनहार बंदियों का सभी प्रकार से सहयोग कर रहा है, जिससे इन बंधिया को अपने द्वारा किए गए अपराध का पश्चाताप भी कर रहे हैं.

किताबें और नोबेल लिख रहे कैदी

जेल से निकलने के बाद बंदी अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए जेल से सीखे आत्मनिर्भर बनने के कार्य को समाज में करके एक आम नागरिक की तरह जीवन जी रहे हैं. ऐसा ही कुछ डासना जेल में भी देखने को मिला. डासना जेल में पहले भी बंदियों ने किताबें लिखी हैं, नोबेल लिखे हैं और कहीं अन्य प्रकार के कार्य कर डासना जेल को जेल से सुधार गृह की उपाधि दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है. एक बार फिर ऐसे ही बंदी की वजह से डसना जेल सुर्खियों में आ गया है.

Up News 1280 720 2026 05 12t184138.060

दरअसल, जिला जेल में बंद कैदी जो हापुड़ जिले से एक हत्या के मामले में पिछले लगभग 11 साल तक डासना की जेल में बंद रहा, उसके द्वारा जेल में बिताए हुए अपने समय को जेल में कुछ सीखने में खर्च किया. जेल के अंदर पेंटिंग और आर्ट का कार्य उसने बखूबी सीख और इस कार्य में वह परिपक्व हो गया. इसके बाद जब उसे जेल से रिहाई मिली तो उसने एक बहुत सुंदर पेंटिंग बनाई और वह पेंटिंग लेकर अनिरुद्ध आचार्य महाराज के दरबार में पहुंचा. उसने अनिरुद्ध आचार्य जी को अपने हाथों से बनाई गई पेंटिंग उपहार में दी, जो उसने जेल में रहकर बनाई और सीखी थी.

आत्मनिर्भर अभियान से सीख रहे जीने की कला

बूंदी से हुई बातों के अनुसार 10 से 11 साल जेल के अंदर की जिंदगी का अपना अनुभव बताते हुए उसने बताया जहां जेल में लोग अवसाद और निराशा से ग्रस्त हो जाते हैं, लेकिन मुझे जेल में अपनी गलती का एहसास हुआ. जिसका पश्चाताप भी मैंने किया. पश्चाताप के रूप में मैं जेल में चलाए जा रहे आत्मनिर्भर अभियान में हिस्सा लेकर खुद को समर्थ बनाने का कार्य किया, जिसमें उसका सहयोग जेल के वार्डन शिव कुमार ने किया. जेल प्रशासन ने भी उसका पूरा सहयोग किया.

Up News 1280 720 2026 05 12t184212.617

हाल फिलहाल शिव कुमार शर्मा अब डासना जेल से गौतम बुद्ध नगर ट्रांसफर हो गए तो उनके बारे में बताते हुए जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया गाजियाबाद की तरह नोएडा में भी शिवकुमार कैदियों को आत्मनिर्भर बनने का गुर सीख रहे हैं.

संजीव शर्मा, ग़ाज़ियाबाद
संजीव शर्मा, ग़ाज़ियाबाद

google button

जेल की सलाखों से कला की उड़ान, डासना जेल के कैदी ने बनाई पेंटिंग; कोर्ट की दीवारों पर बिखेरे रंग


#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button