UP News: ‘तत्काल रिहा करो, गिरफ्तारी गलत’, गोरखपुर के बहुचर्चित हत्याकांड पर हाईकोर्ट का सख्त आदेश; जानें पूरा मामला – INA

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राजकुमार चौहान हत्या कांड के आरोपी लालजी यादव उर्फ गट्टू यादव की गिरफ्तारी को हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई में अहम फैसला देते हुए, लालजी यादव उर्फ गट्टू यादव को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है. गोरखपुर में 17 मार्च की सुबह लगभग 6:15 बजे राजकुमार चौहान की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में लालजी यादव उर्फ गट्टू यादव आरोपी था. वहीं हाईकोर्ट ने यह गलती कैसे हुई इसकी जांच का भी निर्देश दिया है. रिहाई का आदेश पहुंचते ही जेल प्रशासन ने लाल जी को तत्काल प्रभाव से रिहा कर दिया है.

न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पता की गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रकिया का पालन नहीं किया गया है. विशेष रूप से गिरफ्तारी के कर्म की सूचना ना तो आरोपी लालजी यादव को दो गई और ना ही उनके परिजनों को उपलब्ध कराई गई. कोर्ट ने इस मामले में कहा कि यह अचूक संविधान के अनुच्छेद 22 (1) और स्थापित न्यायिक दिशा निर्देश का उल्लंघन है, साथ ही 21 मार्च 2026 को गोरखपुर के रिमांड मजिस्ट्रेट द्वारा परित विमान आदेश को भी निरस्त कर दिया.

कोर्ट ने क्या कहा?

वहीं इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया है की गिरफ्तारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी प्रावधान का पालन अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न फैसलों का हलवाला देते हुए कहा कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी आरोपी और उसके परिजनों को देना जरूरी है. आरोपी लालजी यादव की ओर से अधिवक्ता करुणेश प्रताप सिंह और अमित कुमार यादव ने पैरवी की थी. वह इस मामले में कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को बिना किसी देरी के रिहा किया जाए और इसके लिए प्रमाणित पार्टी का इंतजार भी ना किया जाए.

कोर्ट का आदेश मिलने के बाद गोरखपुर जिला जेल प्रशासन ने लालजी यादव को तत्काल रिहा कर दिया है. वहीं रजिस्टर को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को भेजी जाए ताकि इस गलती पर जांच अधिकारी के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही की. आप में तीन दिन के भीतर कार्रवाई शुरू की जा सके. वहीं अदालत में रिमांड मजिस्ट्रेट को भविष्य में आदेश पारित करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है. मृतक राजकुमार चौहान की पत्नी की तारीख पर पुलिस ने धर्मदेव चौहान दीपक गौड़ लालजी यादव उर्फ गट्टू अमर सिंह चौधरी धर्मपाल चौहान सत्येंद्र चौधरी मोनू पांडे अभय पांडे सुमित अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.

क्या है पूरा मामला?

इसके बाद, पुलिस जांच के दौरान विपिन यादव और राज चौहान उर्फ निरहू का नाम हत्या में सामने आया था. इसके बाद पुलिस ने कुछ घंटे में दोनों को गिरफ्तार कर लिया. वहीं हत्या में साजिश और साक्ष्य छिपाने के आरोप में लालजी यादव, दीपक गौंड, अंकित यादव, शेषनाथ यादव, देवव्रतब्यादव, मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया था. चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड कैसे गोरखनाथ गोरखनाथ पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है. इस हत्याकांड की जांच गोरखनाथ थाने के इंस्पेक्टर की निगरानी में की जा रही है. इस मामले में पार्षद और अन्य आरोपियों को बचाने के मृतक के पत्नी के आप पर यह फैसला लिया गया था. राजकुमार चौहान की पत्नी ने चिलूवाताल थाने से विवेचना ट्रांसफर करने का आग्रह किया था. वह इस मामले में चिलुवाताल पुलिस पर भरोसा नहीं कर पा रही थी. पुलिस ने दो मुख्य आरोपी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चिलूवाताला पुलिस पहले ही जेल भिजवा चुकी है.

कोर्ट ने खारिज की रिमांड

इस मामले में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट ने विमान भीम की कमी को दर्शाते हुए रिमांड खारिज किया है. उन्होंने कहा कि फिर नियमानुसार अग्रिम विधि कार्रवाई करते हुए शीघ्र ही मामले में आरोप पत्र प्रेषित किया जाएगा. बताते चले 17 मार्च की करीब 6:15 बजे बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान पर गोली और चाकू से हमला किया गया था. गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज ले जाया गया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

प्रदीप कुमार तिवारी
प्रदीप कुमार तिवारी

प्रदीप कुमार तिवारी ने 2014 से पत्रकारिता की शुरुआत की. उन्होंने p7 न्यूज चैनल से करियर की शुरुवात की. प्रदीप कुमार तिवारी TV9 भारतवर्ष चैनल में आने से पहले Zee news में भी काम कर चुके हैं. प्रदीप को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है. कई वर्षों से डिजिटल में रहने की वजह से डिजिटल कंटेंट पर पकड़ अच्छी है.

प्रदीप तिवारी पत्रकारिता के साथ-साथ एनीमेशन फील्ड में भी अच्छी पकड़ रखते हैं. उन्हें ग्राफिक डिजाइनिंग के साथ साथ 2D और 3D एनीमेशन की जानकारी अच्छी है. प्रदीप ने लगभग 2 वर्ष तक प्रभात खबर के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम किया है.

Read More

google button

‘तत्काल रिहा करो, गिरफ्तारी गलत’, गोरखपुर के बहुचर्चित हत्याकांड पर हाईकोर्ट का सख्त आदेश; जानें पूरा मामला


#INA #INA_NEWS #INANEWSAGENCY

Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

Back to top button